केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में छात्र आंदोलित हैं। यह आंदोलन कई प्रदेशों में तो हिंसक होता जा रहा। या तो छात्र इस योजना को पूरी तरह से समझ नहीं पा रहे हैं या फिर उनको बरगलाया जा रहा है। हालांकि छात्रों की समस्या को देखते हुए मोदी सरकार ने इसमें आयु सीमा को बढ़ा दिया है। हमने इस लेख में पूरी कोशिश की इस योजना के बारे में आपको समझाने की । इसके बाद ही आप निर्णय लीजिएगा कि यह योजना आपके लिए फायदेमंद है या फिर नुकसानदायक।
पहला साल- 21,000×12= 2,52,000
दूसरा साल- 23,100×12= 2,77,200
तीसरा साल- 25,580×12= 3,06,960
चौथा साल- 28,000×12= 3,36,000
कुल मिला कर 11 लाख 72 हज़ार 160 रुपए, चार सालों में मिलेंगे उसके बाद, रिटायरमेंट पर 11 लाख 71 हज़ार।
जॉब आर्मी की है, रहना, खाना, इलाज वगैरह सब फ़्री है, मतलब जो उम्र नुक्कड़ों पर चाय सिगरेट में निकल जाती है, उन 4 सालों में 23 लाख 43 हज़ार 160 रुपये कमाने का सुनहरा अवसर है।आप 17 से 23 साल की उम्र के लड़के अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना को ज्वाइन ज़रूर कीजिए। समझिए मोदी जी सरकारी पैसों से 4 साल आपको आर्मी की ट्रेनिंग देंगे, साथ में इतने सारे पैसे भी, जॉब वैसे भी नहीं है, बारहवीं या स्नातक करने के बाद सीधे अग्निपथ के रास्ते पर चले जाइए, यही आपका भविष्य है और हमारा भी।
उसके बाद 24-25 की उम्र में रिटायरमेंट के बाद, इन पैसों से कोई बिजनेस शुरू कर लीजिएगा,या नहीं तो इंडियन आर्मी की ट्रेनिंग के साथ गल्फ़ तो है ही, आर्मी का अनुशासन आपके बहुत काम आएगा। लाइफ जैसी अभी चल रही है, उससे बेहतर तय है। तो आप अग्निपथ योजना के विरोध का हिस्सा मत बनिए बल्कि ये समझिए कि आप के लिए बल्क में, आर्मी तक नहीं पहुँचने का जो आरक्षण था अब वो ख़त्म हो चुका है।
अपना मुस्तक़बिल सुरक्षित कीजिए और सोचिए 24 के उम्र में आर्मी ट्रेनिंग के साथ कुल मिला कर 11 लाख रुपये के रूप में मिलने वाला पूरा पैसा अगर आप ख़त्म भी कर देते हैं तो रिटायरमेंट के वक़्त मिलने वाला 11 लाख 71 हज़ार रुपये कम नहीं है।देश में 50% लोग ऐसे हैं जो पूरी उम्र में इतना पैसा नहीं कमाते जो 4 साल में अग्निपथ से आयेंगे l
इसके अलावा युवा शारीरिक रूप से फिट होंगे और अनुशासन में रहना उनकी दिनचर्या में शामिल होगा। साथ ही युवा पीढ़ी में देश भक्ति की भावना भी बढ़ेगी, जिसकी वर्तमान समय में देश को बहुत जरूरत है। इसका एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि अधिकतर युवा किशोर अवस्था से युवा अवस्था तक आते आते नशे या अन्य गलत आदतों का शिकार हो जाते हैं लेकिन अब इस योजना में वे सेना में शामिल होंगे और वहां से चार साल बाद जब फ्री होंगे तो देशभक्त और अनुशासित नागरिक बनकर निकलेंगे। इसके बाद वे जिस भी फिल्ड में काम करेंगे, वहां मेहनत और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे।
यहां एक बात और गौर करने वाली है। सेना में भर्ती होने के लिए किसान और मजदूर के बच्चे ही जाते हैं। किसी नेता, अधिकारी, व्यापारी जैसे वर्ग के बच्चे इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में इससे किसान और मजदूर वर्ग को बड़ा फायदा होगा। हर साल 46 हजार युवाओं को इसमें भर्ती किया जाएगा। यानी एक साल में इस योजना का लाभ 46 हजार परिवारों को होगा। इसके अलावा इनमें से हर साल 11 हजार 500 योग्य युवाओं को सेवा विस्तार दिया जाएगा। यानी उनकी नौकरी 15 साल और बढ़ जाएगी, जो स्थायी नौकरी होगी। इसमें ग्रेच्युटी, फंड, पेंशन, कैंटीन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार की यह एक बेहरतीन योजना है।
जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनके पीछे राजनीति है। क्योंकि सरकार के विरोधी दल नहीं चाहते कि देश में विकास और सुधार की योजनाएं बनाई जाएं। क्योंकि इससे जनता में मोदी की वाहवाही होगी और इससे विरोधी दलों की लूट की दुकान बंद हो जाएगी। वरना नागरिकता संशोधन कानून की तरह इसमें किसी का कोई नुकसान नहीं होना है। लेकिन राजनीति चमकाने के लिए और जनता को बेवकूफ बनाए रखने के लिए विरोध प्रदर्शन करना ही है।
–राजकुमार
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं

