देहरादून। गोपेश्वर के नंदानगर विकास खंड के ग्राम पंचायत कनोल के फाकी तोक में मंगलवार रात को हुई भारी बारिश से ग्रामीण अफरा-तफरी में रहे। गांव के समीप ही भूस्खलन होने से आठ परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। इन परिवारों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण ले ली है। भूस्खलन से गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता, पुल और पेयजल लाइन भी बह गई है। जिससे गांव के 32 परिवार अपने घरों में ही कैद हो गए हैं।
फाकी तोक के शीर्ष भाग से पीएमजीएसवाई की सितेल-छुरागाड-कनोल (11 किमी) सड़क का निर्माण हो रहा है। बीते साल सड़क का स्कबर बंद होने से बरसाती पानी फाकी तोक के खेतों में आ गया, जिससे यहां भूस्खलन सक्रिय हो गया। मंगलवार रात को भी भारी बारिश के दौरान भूस्खलन क्षेत्र में जबरदस्त भू कटाव हुआ। जो आवासीय मकानों तक आ गया। अनहोनी को देखते हुए बारिश के बीच ही रात को गांव के मेहरबान राम, बलवंत, प्रतापी राम, रमेश राम, गणेशी देवी, आलम राम, मानूली देवी और सुरेंद्र सिंह ने अपने घरों को छोड़कर प्राथमिक विद्यालय में शरण ले ली। जबकि पैदल रास्ता, पुल और पेयजल लाइन बह गई है। जिससे ग्रामीणों के सम्मुख आवाजाही और पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों के सीढीनुमा खेत भी बह गए हैं। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से बड़गुना, सरमा और प्राणमति गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन सिंह, महेंद्र सिंह, तारा सिंह और प्रताप सिंह ने बताया कि भूस्खलन से गांव को खतरा बना हुआ है। उन्होंने भूस्खलन क्षेत्र में चैकडेम निर्माण करने, भूस्खलन क्षेत्र में स्टील गार्डर पुल निर्माण और लोद तोक से पेयजल योजना के निर्माण की मांग की है।
नंदानगर तहसील के नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि फाकी तोक की जमीन धंस रही है, जिससे यहां आवासीय भवनों को खतरा बना है। बारिश के दौरान ग्रामीणों को छानियों और प्राथमिक विद्यालय व सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के लिए कहा गया है।

