मुजफ्फरनगर। पेट्रोल पंप की जांच के प्रमाणपत्र देने के बदले में वरिष्ठ माप तौल निरीक्षक हरीश प्रजापति और निजी सहायक को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई एंटी करप्शन टीम ने की। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मूल रूप से राजस्थान के चुरू के रहने वाले और वर्तमान में भोपा रोड निवासी आधार राजवंशी का मखियाली में हिंदुस्तान पेट्रोलियम का पंप है। उन्हें बाट माप विभाग से जांच प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। आरोप है कि इसकी एवज में वरिष्ठ माप तौल निरीक्षक हरीश प्रजापति ने पहले पचास हजार रुपये की मांग की। किसी तरह 25 हजार रुपये देने तय हुए। रुपये देने के लिए मंगलवार का दिन तय किया गया।
इस दौरान पंप मालिक ने एंटी करप्शन टीम मेरठ को मामले की जानकारी दी। डीएसपी संगीता सिंह, इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार, बीआर जैदी और अशोक शर्मा ने डीएम चंद्रभूषण सिंह से मुलाकात की। स्थानीय प्रशासन की ओर से एसडीएम मुख्यालय अशोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी शैफालिका को टीम के साथ भेजा गया।
शाम साढ़े पांच बजे टीम ने पेट्रोल पंप पर डेेरा डाल लिया। कार मे सवार होकर हरीश प्रजापति अपने निजी सहायक सोनू के साथ पंप पर पहुंचा इस दौरान सोनू कार से उतरा और पंप से 25 हजार रुपये लेकर आया। सोनू ने रुपये कार में बैठक हरीश प्रजापति को थमा दिए। एंटी करप्शन टीम ने कार को घेर लिया और दोनों को कार से उतारकर रुपये बरामद किए। आरोपियों को नई मंडी कोतवाली लाया गया है। सीओ मंडी हिमांशु गौरव का कहना है कि एंटी करप्शन टीम ने दों लोगों को पकड़ा है।

