शांति मार्च में बांग्लादेश से लौटने पर डीएवी पीजी कालेज की दो छात्राओं का किया सम्मान

Two girl students of DAV PG College honored

देहरादून। शांति मार्च में बांग्लादेश तक गई डीएवी पीजी कालेज के विधि विभाग की दो छात्राओं के वापस लौटने पर गुरुवार को उनका कालेज में सम्मान किया गया। इस दौरान छात्रा प्रोनोमिता डंगवाल व अनुष्का दीक्षित ने यात्रा के अपने अनुभव साझा किए।

डीएवी पीजी कालेज के दीनदयाल उपाध्याय सभागार में विधि विभाग की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें महिला आयोग की पूर्व सचिव रामिंद्री मंद्रवाल मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां व महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। इन छात्राओं की उपलब्धि इसका बड़ा उदाहरण है। कालेज के विधि विभाग की विभागाध्यक्ष डा. पारुल दीक्षित ने कहा कि ये कालेज के साथ राज्य के लिए भी गर्व की बात है। जो इन दोनों छात्राओं ने व्यावहारिकता में सीखा वह व्यक्ति कई वर्ष की पढ़ाई से भी नहीं सीख पाता। इनके अनुभवों का लाभ अन्य छात्रों को भी होगा।

कालेज प्राचार्य डा. केआर जैन ने कहा कि कहा कि अभिवृत्ति, आत्म विश्वास और अनुशासन का महत्व हर किसी को समझना चाहिए। यही सफलता की कुंजी है। मैनपावर,माइंडपावर,मैनेजमेंट पावर,मनी पावर व मोरल पावर का भी महत्व उन्होंने बताया।

दोनों छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते कहा कि आज मूल, वंश, लिंग, रंग, भाषा, धर्म आदि के नाम पर चारों ओर भेदभाव है। वहीं, सामरिक प्रतिस्पर्धा वैश्विक शांति के लिए खतरा बन गई है। कहा कि भारत सदा से ही शांति का संदेशवाहक रहा है। विश्व स्तर पर शांति लाने के प्रयास से ही इन सभी समस्याओं को हल किया जा सकता है।

बता दें, इन छात्राओं ने संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वावधान में गांधी शांति मार्च में हिस्सा लिया। शांति मार्च 10 मार्च से कोलकाता स्थित गांधी आश्रम से शुरू होकर महात्मा गांधी के नोआखली , बांग्लादेश स्थित आश्रम में समाप्त हुई।

advertisement at ghamasaana