सहारनपुर। उच्चतम न्यायालय ने हाजी इक़बाल को बड़ी राहत देते हुए हाजी इक़बाल, उसके भाई , बेटो और दामाद के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने और महिला थाने में दर्ज़ सात मामलो में निर्णय देते हुए 5 मामलो में एफ आई आर रद्द करने के आदेश दिए हैं।
हाजी इक़बाल के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में 25 अगस्त 2022 को बलात्कार, 10 जनवरी 2023 को डकैती ,जबरन वसूली और अपहरण और महिला थाने में 21 जून २०२२ को बलात्कार की धाराओं में मुक़दमे दर्ज़ किये गए थे। उसके भाई महमूद अली के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में २२ जुलाई 2018 को गैंगस्टर और दिनांक 04 जून २०२२ को धोखाधड़ी , दामाद सालिब के खिलाफ 11 अगस्त 2022 को बलात्कार ,बेटे वाजिद के खिलाफ 19 सितम्बर 2022 को डकैती की धाराओं में मुक़दमे दर्ज़ किये गए थे।
इन मुक़दमो में जिला न्यायलयों में राहत न मिलने पर हाजी इक़बाल और उसके भाई , बेटो और दामाद ने उच्च न्यायलय इलाहाबाद में अपील दायर की थी परन्तु वहा से भी राहत न मिलने पर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला ने हाजी इक़बालऔर उसके भाई , बेटो और दामाद के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में दर्ज़ पाँच मामलो में एफआई आर रद्द करने के आदेश दिए हैं।
महिला थाने में दर्ज़ मुक़दमे में निचली अदालत में प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा हैं महमूद अली के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में २२ जुलाई 2018 को दर्ज़ गैंगस्टर मामले में जाँच अधिकारी द्वारा दाखिल की गयी अंतिम रिपोर्ट को अपर सत्र न्यायाधीश ने 23 /12 /2022 को दिए गये आदेश में स्वीकार किया हैं इसलिए इसमें अधिक कुछ करने की आवश्यकता नहीं हैं।

