बस्ती। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के आह्वान पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने मांगों को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। धरने के बाद जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रुधौली को दिया।
इस मौके पर धरने का नेतृत्व कर रहे उदय शंकर शुक्ल ने कहा कि देश में सांसद, विधायकों को पेंशन प्राप्त है, लेकिन अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नीति से वंचित रखा गया है। वो दिहाड़ी मजदूरों की तरह सेवाएं दे रहे हैं, उनसे उनके बुढ़ापे की लाठी छीन ली गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक पुरानी पेंशन नीति लागू नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। इसी को लेकर पांच दिसंबर को लखनऊ में महासम्मेलन प्रस्तावित है। इसमें आंदोलन के आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में पुरानी पेंशन नीति बहाली, भत्तों को बहाल करने, शिक्षामित्रों को नियमावली में संशोधन कर शिक्षक पद पर समायोजित करने, आंगनबाड़ी, लिपिक, होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्राम रोजगार सेवक, मुख्य सेविका, आशा, एएनएम, रसोईया, आश्रम पद्धति एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयोें के शिक्षकों एवं कर्मियों, विशेष शिक्षकों तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कर्मियों को विनयमित करने आदि की मांग की गई है।
इस मौके पर नरेंद्र देव मिश्र, रामनाथ, शिवशंकर कुमार, महेंद्र चौहान, चंद्र प्रकाश पांडेय, राजेश कुमार, राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

