नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। उन्होंने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25% की कटौती करने का फैसला लिया है। अब रेपो रेट (Repo Rate) 6.5% से घटकर 6.25% हो गई है।
इस फैसले के बाद होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan) और अन्य लोन सस्ते हो जाएंगे। जिन लोगों ने फ्लोटिंग रेट (Floating Rate) पर लोन लिया है, उनकी EMI (Equated Monthly Installment) में भी कमी आएगी। इससे पहले, फरवरी 2025 के केंद्रीय बजट में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय टैक्स फ्री की गई थी। अब आरबीआई के इस फैसले को आम जनता के लिए दूसरी बड़ी राहत माना जा रहा है।
कैसे काम करता है रेपो रेट?
बैंक अपने ग्राहकों को लोन देने के लिए आरबीआई से कर्ज लेते हैं। जिस दर पर आरबीआई उन्हें कर्ज देता है, उसे रेपो रेट (Repo Rate) कहा जाता है। जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों को कम ब्याज पर कर्ज मिलता है, जिससे वे ग्राहकों को भी सस्ता लोन (Cheap Loan) दे सकते हैं।
आरबीआई ने इससे पहले मई 2020 में कोरोना महामारी (COVID-19 Pandemic) के दौरान रेपो रेट में 0.40% की कटौती की थी, जिससे यह 4% तक आ गई थी। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के कारण वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ने से आरबीआई को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ी थीं। फरवरी 2023 के बाद से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अब पांच साल बाद इसमें कटौती की गई है।

