देहरादून। प्रदेश में अब खनिज भंडारण नदियों के ज्यादा करीब हो सकेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में स्टोन क्रैशर और स्क्रीनिंग प्लांट की नदी क्षेत्र से दूरी को भी कम किया गया है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में उपखनिज नीति में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नीति में संशोधन से खनन कारोबारियों को फायदा होगा। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल के मुताबिक, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे खनिज सामग्री सस्ती होगी। इससे घर बनाना भी सस्ता हो सकेगा। सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। उनका दावा है कि नीति के व्यावहारिक बनने से इंस्पेक्टर राज खत्म होगा। अवैध खनन पर अंकुश लगेगा 500 मीट्रिक टन खनिज भंडारण की नदी से दूरी के नए मानक ये होंगे।
खनिज भंडारण के मानक
पर्वतीय क्षेत्र नदी से दूरी 250 मीटर
वर्तमान प्रावधान
बरसाती नदी से दूरी 250 मीटर
सरकारी वन से दूरी 10 मीटर
मैदानी
सरकारी वन से दूरी नदी से दूरी
बरसाती नदी से
10 मीटर
1500 मीटर
1500 मीटर
प्रस्तावित प्रावधान
50 मीटर
25 मीटर
25 मीटर
25 मीटर
500 मीटर
50 मीटर
ई रव्वना होगा अनिवार्य, ड्रोन सर्वे और सीसीटीवी होगी नजर
शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल के मुताबिक, उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियमवाली 2021 में संशोधन से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा। ई रवन्ना अनिवार्य होगा। मोबाइल चैक पोस्ट, ड्रोन सर्वे, सीसीटीवी व आरएफआईडी टैग सिस्टम का प्रावधान किया गया है। रिटेल भंडारण अब जिलाधिकारी पांच वर्ष के मंजूर कर सकेंगे। अभी तक जिलाधिकारी की सिफारिश पर मंडलायुक्त मंजूरी देते थे।
सीसीटीवी रिकार्डिंग में गड़बडी पर लगेगा अर्थदंड
कारोबारी भंडारण स्थल पर प्रवेश एवं निकासी द्वार पर सीसीटीवी रिकार्डिंग सहित स्वयं अपने खर्च पर लगाएंगे। रिकार्डिंग में गड़बड़ी पर 250 रुपये प्रति मिनट की दर से अर्थदंड लगेगा। स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट की नदी से दूरी में भी बदलाव पर्वतीय क्षेत्र में स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट की स्थापना के लिए बरसाती नदी के किनारे से यथावत 25 मीटर, नदी से दूरी 250 के स्थान पर 50 मीटर तथा सरकारी वन से दूरी 25 मीटर होगी। शेष दूरी के मानक मैदानी क्षेत्र के मानकों के समान होंगे।
जिला हरिद्वार में स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट की गंगा नदी के किनारे से दूरी को 1.5 किमी के स्थान एक किमी किया गया है। अन्य मैदानी क्षेत्रों में नदी से दूरी को एक किमी से घटाकर 500 मीटर, बरसाती नदी नाला, गधेरा के किनारे से दूरी 500 मीटर से घटाकर 50 मीटर कर दिया गया है। सार्वजनिक धार्मिक स्थल, स्कूल, शिक्षण संस्थान, अस्पताल व नर्सिंग व आबादी से दूरी के मानक को 300 मीटर यथावत रखा गया है।

