देहरादून। उत्तराखंड के स्थानीय कृषि व औद्यानिकी उत्पादों पर आधारित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से 35 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। राज्य सरकार की ओर से सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए उद्यान विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
2025 तक उत्तराखंड में 1591 सूक्ष्म खाद्य उद्योग स्थापित करने के लिए केंद्र ने राज्य को लक्ष्य दिया है। प्रदेश में एक जिला दो उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत केंद्र की ओर से कुल पूंजी निवेश पर 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख प्रति इकाई की दर सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार भी सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने को अलग से 25 प्रतिशत सब्सिडी देने की व्यवस्था करने जा रही है। उद्यान विभाग की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
सरकार का मानना है कि स्थानीय उत्पादों पर सूक्ष्म खाद्य उद्योग लगने से जहां लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, किसानों को उत्पाद के उचित दाम मिलेंगे। सरकार ने हर जिला में दो उत्पादों का चयन किया है। प्रदेश में वर्तमान में 3.74 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर फलों का उत्पादकता है। जबकि सब्जी 10.25 लाख मीट्रिक टन और मसालों की 6.40 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत स्थानीय उत्पादों पर आधारित सूक्ष्म खाद्य उद्योग लगाने पर राज्य सरकार भी अलग से 25 प्रतिशत सब्सिडी देगी। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

