देहरादून। श्री केदारनाथ धाम में आदिगुरु शंकराचार्य की 12 फीट ऊंची कृष्णशिला पत्थर बनाई गई है। मैसूर के प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी ने 120 टन के पत्थर पर शंकराचार्य की प्रतिमा को तराशा है। पांच नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
वर्ष 2013 में आई आपदा में शंकराचार्य की समाधि बह गई थी। केदारपुरी में आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा बन कर तैयार हो गई है। इस प्रतिमा को मैसूर के मूर्तिकार ने कृष्ण शिला पत्थर को तराश कर बनाई है। प्रतिमा की चमक के लिए उसे नारियल पानी से पॉलिश किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देश में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों के तहत आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि विशेष डिजाइन से तैयार की गई है।
आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि केदारनाथ मंदिर के ठीक पीछे छह मीटर जमीन की खुदाई कर बनाई गई है। समाधि के मध्य में मैसूर के मूर्तिकारों द्वारा तैयार प्रतिमा स्थापित की गई है। पांच पीढ़ियों से मूर्तिकला की विरासत को संजोए हुए मैसूर के मूर्तिकार योगीराज शिल्पी ने अपने पुत्र अरुण के साथ मिलकर मूर्ति का काम पूरा किया है।
आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा निर्माण के लिए देश भर के मूर्तिकारों की ओर से अपना मॉडल पेश किया गया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से योगीराज शिल्पी को प्रतिमा तैयार करने के लिए अनुबंध किया गया था। इस विशेष परियोजना के लिए योगीराज ने कच्चे माल के रूप में लगभग 120 टन पत्थर की खरीद की और छेनी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद इसका वजन लगभग 35 टन है। योगीराज ने साल 2020 के सितंबर माह से प्रतिमा बनाने का काम शुरू किया था। मूर्तिकला आदि शंकराचार्य को बैठने की स्थिति में प्रदर्शित करती है।

