गाजियाबाद। नंदग्राम में पूर्व पार्षद ओम त्यागी ने प्रॉपर्टी डीलर व अन्य साथियों के साथ मिलकर नगर निगम की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर डाली। पीडितों ने प्लॉट खरीदकर उन पर मकान बना लिए। नगर निगम की टीम ने जमीन अपनी बताते हुए ध्वस्तीकरण अभियान चलाता तो फर्जीवाड़े का पता चला। चार पीड़ितों की तहरीर पर नंदग्राम पुलिस ने पूर्व पार्षद समेत 12 लोगों के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए हैं।
नंदग्राम निवासी अंजू देवी ने पटेल नगर सेकेंड निवासी सुनील गर्ग और कृष्ण कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि उन्होंने दोनों आरोपियों से 4.29 लाख रुपये में 93.65 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा। इसके बाद 12 लाख रुपये खर्च करके उस पर मकान बना लिया। 10 अक्तूबर 2020 को नगर निगम के अधिकारियो ने अपनी जमीन बताते हुए उनका मकान ध्वस्त कर दिया।
नंदग्राम निवासी संतोष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उन्होंने पूर्व पार्षद ओम त्यागी, लीलावती, अजीत चौधरी, रजनीश चौधरी और सुशील पाल निवासी ग्राम सिहानी से 5.44 लाख रुपये में प्लॉट खरीदा था। 18 लाख रुपये खर्च करके उन्होंने मकान बना लिया, जिसे नगर निगम ने ध्वस्त कर दिया।
राकेश शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि लीलावती, आनंद और अजीत चौधरी से उन्होंने 4.35 लाख रुपये में प्लॉट खरीदा था। 18 लाख रुपये खर्च करके तीन मंजिला मकान बनाया, जिसे नगर निगम ने अपनी जमीन बताते हुए ध्वस्त कर दिया।
शांतिनगर निवासी शिक्षा देवी ने पूर्व पार्षद ओम त्यागी, राजाराम, अमित त्यागी, टीटू त्यागी और जयप्रकाश के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों से उन्होंने 1.43 लाख रुपये में प्लॉट खरीदा और उस पर 18 लाख की लागत से मकान बनाया। निगम की टीम ने उसे ध्वस्त कर दिया।
पूर्व पार्षद समेत 8 पर निगम करा चुका है एफआईआर
शांति नगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए नगर निगम ने एक साल पहले सरकारी जमीन पर बने रा कराई गई जांच में पूर्व पार्षद घूकना निवासी ओम त्यागी, नंदग्राम निवासी इंदू त्यागी, सूरज पासवान, जीडीए कॉलोनी निवासी रजनीश चौधरी, नंदग्राम निवासी ब्रिजेश त्यागी, शांति नगर निवासी बबीता शर्मा, घूकना निवासी इंद्रपाल और महेश शर्मा दोषी पाए गए। जिनके खिलाफ संपत्ति अधीक्षक ने 29 अक्तूबर को केस दर्ज कराया था।
सरकारी जमीन पर अब भी बने हैं 101 मकान
सिहानी में शांति नगर के पास सरकारी जमीन पर 101 मकान और बने हैं। इनमें से भी ज्यादातर जमीन इन्हीं 8 लोगों ने बेची थी, जो नगरायुक्त द्वारा कराई गई जांच में सामने आए थे। पूर्व पार्षद ओम त्यागी के खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। रजनीश चौधरी प्रॉपर्टी डीलिंग करता है, जबकि नामजद आरोपी इंद्रपाल की मौत हो चुकी है।
नगर निगम की जमीन अपनी बताकर बेचने के मामले में चार लोगों की तहरीर पर 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साक्ष्य जुटाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। 8 आरोपियों पर नगर निगम ने भी केस दर्ज कराया था। – निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी

