डंपिंग ग्राउंड की जगह बना दिया खूबसूरत वेटलैंड, समुद्र की लहरों का होगा अहसास

नोएडा। सेक्टर-54 में खूबसूरत वेटलैंड विकसित किया जा रहा है। जिले का अभी तक का यह सबसे बड़ा वेटलैंड है। यहां झील किनारे बैठकर समुद्र की लहरों जैसा आनंद लिया जा सकेगा। यहां वॉटर पार्क की तरह तकनीक का इस्तेमाल होगा। प्रदेश में पहली बार किसी वेटलैंड के लिए ऐसा किया जा रहा है।

प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी इंदू प्रकाश सिंह ने मंगलवार को वेटलैंड का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लोगों को आकर्षित करने के लिए यहां पानी पर करीब 2 किमी लंबा एलिवेटेड पाथ-वे बनाया गया है। इसका काम पूरा हो चुका है। यहां लैंडस्केप बनाए जाएंगे। इसके अलावा लोगों के बैठने के लिए पवेलियन और ओपन थिएटर भी बनाया जाएगा।

दो से तीन सप्ताह में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसे में यह शहर में लोगों के लिए घूमने के लिए मुख्य स्थानों में से एक होगा। लोगों के बेहतरीन खानपान के लिए दो कियोस्क भी लगाए जाएंगे। प्राधिकरण के जीएम पीके कौशिक ने बताया कि समुद्र जैसी लहरों के लिए वेब तकनीक पर काम किया जा रहा है।

कुछ साल पहले यहां था डंपिंग ग्राउंड
कुछ साल पहले तक सेक्टर-54 में पूरे शहर का कूड़ा डाला जाता था। इससे यह एक डंपिंग ग्राउंड के रूप में तब्दील हो गया था। इससे आसपास सेक्टर-गांवों में रहने वाले लोगों को बदबू का काफी सामना करना पड़ता था। इसके खिलाफ लोगों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण को यहां पर कूड़ा डालना बंद करना पड़ा। अब प्राधिकरण ने इसका सौंदर्यीकरण करने का निर्णय लिया। इसे लेकर यहां वेटलैंड बनाने का निर्णय लिया गया।

एसटीपी से साफ किए पानी का इस्तेमाल
इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि करीब 25 एकड़ में वेटलैंड विकसित किया जा रहा है। इस झीलनुमा तालाब को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी से भरा गया है। तालाब के 3 मीटर ऊपर एक व्यू प्वाइंट भी बनाया जाएगा। यहां घूमने के लिए पार्क बनाया जा रहा है। यहां सभी उम्र वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। वेटलैंड के प्रवेश द्वार पर प्लाजा बनाया जाएगा।

करीब दो करोड़ की है जरूरत
वेटलैंड को बनाने में 4.86 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। पहले इसे तैयार करने की समयसीमा जून 2021 थी, लेकिन काम में रुकावट के कारण यह बढ़ गई। अब इसी माह के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, नई व्यवस्था के अनुसार अभी इसमें दो करोड़ रुपये के बजट की और आवश्यकता है।

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