लखनऊ। सपा और रालोद में सीटों के बंटवारे को लेकर काफी दिनों से चल रही जद्दोजहद अब खत्म होती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है। कहा जा रहा है कि जयंत चौधरी 36 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गए हैं। पहले वह 62 सीटों की मांग कर रहे थे। इसके अलावा दो से तीन सीटों पर रालोद के सिंबल पर सपा के नेता चुनाव लड़ सकते हैं।
इस महीने के आखिर तक अखिलेश यादव और जयंत चौधरी यूपी में सीटों के बंटवारे का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक रालोद ने पहले 62 सीटों की मांग की थी, लेकिन अखिलेश यादव 30 से ज्यादा सीटें देने को राजी नहीं थे। काफी जद्दोजहद के बाद आखिर में रालोद के लिए 36 सीटें छोड़ने पर उन्होंने सहमति जता दी है। बृहस्पतिवार को अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच लंबी बातचीत के बाद यह समझौता होने की बात कही जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
दरअसल रालोद की मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, मेरठ और सहारनपुर जैसे जिलों में मजूबत स्थिति थी। किसान आंदोलन के बाद यह स्थिति और भी मजबूत हो गई है। इसके अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा जैसे जिलों में भी रालोद ठीक ठाक स्थिति में है। एक तरफ पश्चिम यूपी की सीटों पर रालोद को बढ़त है तो वहीं ब्रज के बड़े क्षेत्र में समाजवादी पार्टी को रालोद से गठबंधन का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा चौधरी अजित सिंह की मौत के बाद जयंत चौधरी का यह पहला चुनाव है। ऐसे में उन्हें सहानुभूति की लहर का फायदा भी मिल सकता है।

