देहरादून l स्थानीय निकायों के चुनाव का बिगुल बजने से पहले धामी सरकार ने नगर निकायों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इसके तहत दो नगर पालिकाओं को नगर निगम का दर्जा दिया गया है, जबकि एक को उच्चीकृत करते हुए दो अन्य नगर निकायों की सीमा में परिवर्तन का फैसला लिया गया है। प्रदेश कैबिनेट ने शहरी विकास विभाग के इन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में कुल 32 प्रस्तावाें को मंजूरी दी गई। विधानसभा के मानसून सत्र की अधिसूचना जारी हो जाने के कारण कैबिनेट के फैसलों की विधिवत जानकारी मीडिया को नहीं दी गयी है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि मंगलवार की कैबिनेट की बैठक में नगर निकायों से संबंधित आधा दर्जन के करीब प्रस्ताव आए। इन प्रस्तावों के तहत नगर पालिका परिषद् पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को उच्चीकृत कर नगर निगम (श्रेणी-3) बनाये जाने को मंजूरी मिली है। दोनों नगर निकायों को उच्चीकृत किये जाने से सड़कों की गुणवत्ता, पार्कों में साफ-सफाई एवं रंगरोगन पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे नगर के सौन्दर्यीकरण में वृद्धि होगी। इससे पर्यटक आकर्षित होंगे और नगर की आय में वृद्धि होगी।
इसी तरह नगर पालिका परिषद, डोईवाला को श्रेणी-3 से श्रेणी-1 में उच्चीकृत किया गया है। तर्क यह दिया गया है कि प्रस्तावित क्षेत्र में आवासीय / व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने के कारण वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत कार्य / सुविधा प्रदान करने में कठिनाईयां उत्पन्न हो रही है। कैबिनेट ने रामनगर नगर पालिका परिषद की सीमा विस्तार को भी मंजूरी दी है। जनपद नैनीताल के अंतर्गत नगर पालिका परिषद रामनगर के समीपवर्ती 5 राजस्व ग्राम (शिवलालपुर पांडे, शिवलालपुर रिऊनिया, गौजानी, कानिया, चोरपानी) को रामनगर में शामिल किया जाएगा। एक अन्य फैसले के तहत नगर पालिका परिषद, नगला से गोविन्द बल्लभ पंत भूमि एवं प्रौद्योगिकी विवि परिसर को अलग कर दिया गया है। छात्रों के हित में यह फैसला लिया गया है।
कर्णप्रयाग पालिका का दायरा घटा
निकायों को लेकर एक अन्य फैसले में जनपद चमोली के अंतर्गत सेमीग्वाड़ क्षेत्र को नगर पालिका परिषद, कर्णप्रयाग से अलग कर दिया गया है। सेमीग्वाड दरअसल कर्णप्रयाग से 8 से 9 किमी की दूरी पर स्थित है। उक्त क्षेत्र के समस्त राजस्व कार्य तहसील जिलासू से सम्पादित किये जाते हैं। खण्ड विकास से सम्बन्धित कार्य विकासखण्ड कर्णप्रयाग, पोखरी से किये जाते हैं। ग्रामवासियों को तहसील व विकास खण्ड भिन्न-भिन्न होने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए नगर पालिका परिषद, कर्णप्रयाग से सेमीग्वाड़ क्षेत्र को अलग किया गया है। इससे ग्राम वासियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदत्त की जाने वाली सुविधाओं को समेकित रूप से एक ही स्थान से प्राप्ति में आसानी होगी।

