सेना के जवान कार्तिक का शव सिसौली में पहुंचते ही मचा कोहराम, गांव में मातम पसरा

army soldier Karthik

मुजफ्फरनगर। सेना के जवान कार्तिक का शव सिसौली में पहुंचते ही कोहराम मच गया। कार्तिक के घर पर लोगों का तांता लग गया। परिवार को सांत्वना देने के लिए भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत भी पहुंचे। इस दौरान परिजनों का रो.रोकर बुरा हाल था और हर कोई उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा था।

उत्तराखंड के रुड़की और मंगलौर के बीच हरियाणा के कांवड़ियों के साथ हुई मारपीट में कार्तिक की जान गई थी। कार्तिक सेना में जवान था। उसकी तैनाती गुजरात के जामनगर में थी। दो दिन पहले ही कांवड़ लाने के लिए छुट्टी लेकर आया था। कांवड़ लेने के लिए तो वह घर से हंसते हुए गया था, लेकिन लौटा शव। गांव में उसके मौत की खबर जैसे ही पहुंची कोहराम मच गया। उसकी पत्नी यह खबर सुनते ही बेहोश हो गई।

कार्तिक की फाइल फोटो

सिसौली कस्बे की पट्टी लेपरान निवासी किसान योगेंद्र सिंह का बेटा कार्तिक करीब चार साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। परिवार के युवाओं के साथ कांवड़ लाने के लिए ही उसने छुट्टी ली थी और वह रविवार को ही घर आया था। सोमवार को कस्बे से डाक कांवड़ लाने के लिए कांवड़िए रवाना हुए थे। इनमें कार्तिक भी शामिल था। सभी खुशी खुशी रवाना हुए।

कार्तिक परिवार का सहारा था, लेकिन अब वह दुनिया में नहीं रहा। कार्तिक का छोटा भाई मुकुल है। जब से कार्तिक की नौकरी लगी तभी से पिता योगेंद्र सिंह और छोटा भाई मुकुल ही कार्तिक के कंप्यूटर सेंटर को चला रहे हैं। नौकरी लगने से पहले कार्तिक ही कंप्यूटर सेंटर का संचालन करता था।

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