उत्तरकाशी। हिमस्खलन हादसे में जान गंवाने वाले 10 और प्रशिक्षु पर्वतारोहियों के शव मातली हेलीपैड पर लाए गए। सभी शवों को पीएम के बाद परिजनों को सौंपा गया। अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। जबकि 6 शव लाए जाने बाकी हैं। दो प्रशिक्षुओं की तलाश जारी है।
बीते 4 अक्टूबर को द्रौपदी का डांडा-2 चोटी पर आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर निम के प्रशिक्षु पर्वतारोही व प्रशिक्षकों सहित 29 लापता हो गए थे। 6 अक्टूबर से एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, हॉज व निम ने घटना स्थल पर रेस्क्यू अभियान शुरु किया था। बीते शनिवार तक 11 शव परिजनों को सौंप दिए गए थे। रविवार को भी पीएम के बाद 10 शव परिजनों को सौंप दिए गए। अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। जबकि 6 शव अभी लाए जाने बाकी हैं। 2 प्रशिक्षु पर्वतारोही अभी भी लापता चल रहे हैं। जिनकी तलाश जारी है।
बेस कैंप से मातली हेलीपैड पर पहुंचाए गए 10 शवों में लांस नायक शुभम सिंह का पार्थिव शरीर भी था। जिन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, विधायक सुरेश चौहान, सीओ प्रशांत कुमार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित किए।
लाए गए इनके शव
1-रक्षित के पुत्र कुमार जेएच निवासी बैंगलुरु।
2-नरेंद्र सिंह पुत्र अकवीर सिंह निवासी उत्तराखंड।
3-सतीश रावत पुत्र शूरवीर सिंह निवासी टिहरी गढ़वाल।
4-अमित कुमार शॉ पुत्र अर्जुन शॉ निवासी कोलकाता।
5-अतुनु धार पुत्र शशांकाधर निवासी नई दिल्ली।
6-गोहिल अजुर्न सिंह पुत्र गोहिल भूपेंद्र सिंह निवासी गुजरात।
7-अंशुल कैंथला पुत्र इंदर कैंथला निवासी शिमला हिमाचल प्रदेश।
8-विक्रम एम पुत्र मैलेश निवासी कर्नाटका।
9-लांस नायक शुभम सिंह पुत्र देवीप्रसाद निवासी उत्तरप्रदेश।
10-कपिल पंवार पुत्र जगमोहन सिंह निवासी बनगांव उत्तरकाशी।
कब क्या हुआ
4 अक्तूबर को करीब पौने नौ बजे एवलांच की चपेट में आए प्रशिक्ष व प्रशिक्षु पर्वतारोही
4 अक्तूबर को ही फर्स्ट रिस्पांडर ने बरामद किए 4 शव।
6 अक्तूबर को रेस्क्यू दल घटना स्थल पर पहुंचा, 15 शव किए बरामद।
7 अक्तूबर को रेस्क्यू दल ने 7 और शव बरामद किए। घटना के दिन बरामद चार शवों को उत्तरकाशी पहुंचाया गया।
8 अक्तूबर को 7 शवों को एडवांस बेस कैंप से मातली हैलीपैड पहुंचाया गया। वहीं रेस्क्यू दल ने घटना स्थल से एक और शव बरामद किया।
9 अक्तूबर को 10 शव सेना के हेलीकाप्टर से पहुंचे मातली।
( अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंप जा चुके हैं, 6 शव एडवांस बेस कैंप में हैं, 2 अभी भी लापता हैं।)

