पारंपरिक वैद्यों के सम्मेलन में देशभर के आयुर्वेद विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

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देहरादून l विश्व आयुर्वेद कांग्रेस में झारखंड से वैद्य सुखलाल, छत्तीसगढ़ पारंपरिक वैद्य संघ के सचिव वैद्य निर्मल कुमार अवस्थी, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के सीईओ प्रो. महेश कुमार, विज्ञान भारती के महासचिव शिवकुमार शर्मा, राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, एथनोफार्माकोलॉजी और पारंपरिक वैद्यों के सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. पुलोक के. मुखर्जी, संयोजक डॉ. प्रमोद एचजे और अध्यक्ष व समन्वयक डॉ. प्रकाश इतनकर की उपस्थित में सम्मेलन का उद्घाटन किया गया।

इसके बाद पारंपरिक वैद्यों की एक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें डॉ. निशिकांत राउत, फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग के प्रोफेसर ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। चर्चा में डॉ. बिमल कुमार चौधरी महासचिव भारतीय पशु चिकित्सा संघ, डॉ. प्रशांत गुप्ता सहायक प्रोफेसर, कौमारभृत्य विभाग एआईआईए नई दिल्ली और डॉ. पुष्पहास बल्लाल पूर्व सहायक आयुक्त एफडीए नागपुर ने मॉडरेटर के रूप में कार्य किया।

पैनल चर्चा में वैद्य सुखलाल ने झारखंड में वैद्यों के साथ बैठक की अपील की। वैद्य निर्मल कुमार अवस्थी ने छत्तीसगढ़ राज्य में मलेरिया के उपचार के ज्ञान को साझा किया। पश्चिम बंगाल से वैद्य अनूप कुमार सरकार, पंचगव्य महाविद्यालय कांचीपुरम के वैद्य निरंजन वर्मा ने विचार साझा किए। डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने पशुओं के उपचार में हर्बल औषधियों के उपयोग की अपील की।

वैद्य अरमुग पांडियन ने आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय के फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग में डॉ. प्रकाश इतनकर की प्रयोगशाला में अपने उत्पादों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण का अनुभव साझा किया। वैद्य पोखरियाल ने समुदाय में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए गांव के वैद्यों से बैठक की आवश्यकता पर जोर दिया। तेलंगाना से वैद्य बालनर सिंह ने सामान्य बीमारियों में अपनी विशेषज्ञता साझा की।

वैद्य राजेश प्रसाद सिन्हा (झारखंड) ने जंगलों और प्राकृतिक स्रोतों से औषधीय पौधों के संरक्षण की अपील की। नागपुर से वैद्य अनिल पटेल ने पौधों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। गुजरात से वैद्य प्रफुल्ल पंसुरिया ने वैद्यों के पंजीकरण की बात को उजागर किया। तेलंगाना से वैद्य आनंद्य ने कोविड मरीजों के इलाज के अपने अनुभव साझा किए। वैद्य अवधेश कुमार कश्यप ने कुछ औषधीय पौधों के प्रमाण साझा किए।

इस मौके पर कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रकाश ईटनकर एवं डॉ. पुलोक मुखर्जी ने आरमुगम पांडिया तमिलनाडु को परंपरागत वैद्य और वैद्य राजेश प्रसाद सिंह झारखंड को सम्मानित किया गया।

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