चिलकाना। पुलिस और एटीएस सहारनपुर इकाई की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 17 वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2009 में दर्ज विदेशी अधिनियम के मुकदमे में वांछित था और न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2009 में बांग्लादेशी नागरिकों के एक गिरोह के खिलाफ बिना वैध दस्तावेजों और पासपोर्ट के भारत में प्रवेश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में तीन आरोपियों को सजा हो चुकी थी, जबकि मोहम्मद जाहिद उर्फ डल्लू जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था।
सीओ सदर ने बताया कि वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत थाना प्रभारी विनोद कुमार एवं एटीएस सहारनपुर इकाई प्रभारी सुधीर कुमार उज्जवल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर साईफन पुलिया के पास से आरोपी जाहिद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के बांदरबन जनपद का निवासी है। पुलिस को उसके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में आधार कार्ड समेत अन्य संदिग्ध दस्तावेजों की तस्वीरें भी मिली हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा विदेशी अधिनियम के तहत नया मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2009 से लगातार अलग-अलग राज्यों में पहचान छिपाकर रह रहा था। उसके नेपाल और बांग्लादेश में संपर्क होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है। जाहिद की पत्नी भी नेपाल की रहने वाली है।
8 अगस्त 2009 को अभी सूचना इकाई के एसआई इंद्रपाल सिंह की तहरीर पर बांग्लादेशी जाहिद, वली अहमद, कमाल हुसैन, सुलेमान, कबीर तथा अब्दुल कादिर के खिलाफ बिना वैद्य प्रपत्रों, बिना पासपोर्ट के छिपकर काम करने के उद्देश्य से घुसने की बाबत धारा 14 विदेशी अधिनियम के अंतर्गत थाना कुतुबशेर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें से तीन अभियुक्त को सजा हो गई थी, जबकि जाहिद 2009 से फरार चल रहा था।

