सहारनपुर। आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने बृहस्पतिवार की देर रात्रि देवबंद में कार्रवाई करते हुए एक बंगलादेशी युवक को हिरासत में लिया है। बताया गया है कि युवक फर्जी आईडी के आधार पर देवबन्द के नामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम में इस्लामिक शिक्षा ग्रहण कर रहा था। उसके साथ एक अन्य युवक को भी पकड़ा गया था। जिसे पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया।
हिरासत में आए युवक के पास से बांग्लादेशी करेंसी के अलावा कई पुस्तकें व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि शुरुआती जांच में एटीएस को बांग्लादेशी नागरिक की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं हैं। पड़ोसी मुल्क से भी उसके तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।बृहस्पतिवार की रात्रि करीब 1:30 बजे एटीएस नामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम में पहुंची। जहां एटीएस अधिकारियों ने प्रबंधतंत्र को विश्वास में लेकर संस्था परिसर में बने छात्रावास के कमरा नंबर 61 में कार्रवाई करते हुए वहां से दो छात्रों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ करने और सभी दस्तावेज देखने के बाद एटीएस ने एक छात्र को असम राज्य का होने के चलते छोड़ दिया। जबकि दूसरा छात्र कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। जिसके चलते उस पर शक गहरा गया। सूत्र बताते हैं कि कमरे के बाहर रखी उक्त छात्र की एक अलमारी को खुलवा कर उसकी तलाश ली गई तो उसके अंदर से बांग्लादेशी करेंसी, वहीँ की कुछ आईडी, पुस्तकें और अन्य दस्तावेज बरामद हुए।
एटीएस सूत्र बताते हैं कि उक्त छात्र बांग्लादेशी नागरिक है जो पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2015 से देवबंद में रह रहा था। वहीं, ये जानकारी भी मिली है कि एटीएस को उसके पास से जो मोबाइल मिला है। उसमें बहुत कुछ ऐसा मिला है जो उक्त छात्र के पड़ोसी मुल्क में उसकी संदिग्ध गतिविधियों को उजागर कर रहा है। हालांकि अभी एटीएस की ओर से कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
उधर, ये भी बताया जा रहा है कि एटीएस ने उक्त युवकों को जनपद मुजफ्फरनगर से दिन के समय हिरासत में लिया था। बांग्लादेशी नागरिक अपने साथी के साथ किसी चिकित्सक के यहां दवा लेने गया था। रात्रि में एटीएस उसके कमरे की तलाशी लेने आए थी। जहां से कुछ आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं। जिसके चलते टीम छात्र को अपने साथ ले गई।

