बिजनौर। गांव कोपा में बारहवीं की छात्रा की धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी गई। उससे शरीर पर करीब सात जगह वार किए गए और उसका पेट चीर दिया गया था। घटना के खुलासे को पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। पुलिस को हत्याकांड में अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने इस मामले में युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक युवती का प्रेमी बताया जा रहा है इसके मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल पर ही मिली है।
मरने वाली छात्रा प्रियंका (20) पुत्री स्व. हरस्वरूप बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव कोपा की रहने वाली थी। वह शनिवार रात में दो बजे घर लापता हो गई थी। रात भर तलाश करने के बाद भी वह नहीं मिली थी। रविवार दोपहर करीब 11 बजे उसका शव घर से 20 मीटर दूर ही गन्ने के खेत में पड़ा मिला। वारदात के दौरान युवती के मुंह में दुपट्टा ठूस दिया गया था, जिससे उसकी चीख न निकले।
एएसपी देहात रामअर्ज, सीओ नगीना सुमित शुक्ला मौके पर पहुंचे। एसपी डाक्टर धर्मवीर सिंह ने बताया कि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। शव के पास मिले मोबइल फोन और परिवार वालों के विरोधाभासी बयानों की समीक्षा व साक्ष्य संकलन कर जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। परिजनों की तहरीर पर मामले की अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पालतू कुत्ते ने परिवार को दिए थे संकेत

बिजनौर। छात्रा की बेरहमी से धारदार हथियार से गोदकर हत्या के दौरान पालतू कुत्ते ने वफादारी का फर्ज निभाया लेकिन, अफसोस युवती को बचाया नहीं जा सका। छात्रा को घर से उठाकर ले जाने के बाद से ही कुत्ते ने भौंकना शुरू कर दिया था। जोकि बार-बार गन्ने के खेत की तरफ भी जाता रहा। यह बात युवती के चाचा ने कही।
शीशराम ने बताया कि रात में करीब 2:30 बजे उनका कुत्ता अचानक भौंकने लगा। वह गन्ने के खेत की तरफ मुंह कर भौंक रहा था। वह कई बार भौंकता हुआ खेत में भी गया और लौट आया। फिर छत पर चढ़कर भौंकने लगा। करीब बीस मिनट तक कुत्ता भौंकता रहा तो उनकी नींद टूटी और पशुओं के खुल जाने की आशंका हुई। इधर-उधर देखने पर कुछ नहीं दिखाई दिया तो बच्चों को देखा। अपने बिस्तर पर प्रियंका नहीं थी। तड़के पांच बजे तक प्रियंका को खोजा गया लेकिन, उसका कहीं पता नहीं चल सका। सुबह 11 बजे प्रियंका की मां दयावती गन्ने के खेत की तरफ गई तो उसका रक्तरंजित शव पड़ा मिला। दुपट्टा उसके मुंह पर पड़ा हुआ था। वह क्षेत्र के ही एक इंटर कॉलेज में बारहवीं की छात्रा थी। बढ़ापुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पांच बहन-भाइयों में चौथे नंबर की थी प्रियंका
बिजनौर। वर्ष 2013 में प्रियंका के सिर से पिता का साया उठ गया था। मां अपने देवर के साथ रहने लगी। पांच भाई बहनों में चौथे नंबर की प्रियंका शनिवार की रात दो बजे कैसे गन्ने के खेत में पहुंच गई, यह सवाल बना हुआ है। प्रियंका के बिस्तर पर नहीं होने की जानकारी लगने के बीस मिनट बाद तक उसके शौचालय में होने का अनुमान लगाया जाता रहा। बाद में ढूंढा गया, लेकिन वह नहीं मिली। दोपहर को उसकी लाश मिली।
प्रियंका का ही था घटनास्थल पर मिला मोबाइल फोन
सीओ सुमित शुक्ला पूरे मामले में गहनता से छानबीन कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मौका ए वारदात पर पड़ा मिला मोबाइल प्रियंका का ही था। मोबाइल की सीडीआर से हत्या के तार जुड़ते चले गए।
हिरासत में लिए युवक की युवती से 25 दिन में हुई 253 बार बात

प्रियंका हत्याकांड में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक युवती का प्रेमी बताया जा रहा है। प्रियंका की उससे बीते 25 दिनों में 253 बार बात हुई है। आखिरी कॉल हत्याकांड की रात दो बजकर आठ मिनट पर हुई। पुलिस को इसी युवक पर युवती की हत्या का शक है। युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आज इस मामले का खुलासा कर सकती है।
मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से खुले राज
बढ़ापुर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ के बाद पुलिस खुलासे के अंतिम दौर तक पहुंच चुकी है। अब साक्ष्य जुटाना बाकी रह गया है। सीओ सुमित शुक्ला पूरे मामले में गहनता से छानबीन कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मौका ए वारदात पर पड़ा मिला मोबाइल प्रियंका का ही था। इसकी कॉल डिटेल को खंगाला गया तो हत्याकांड के खुलासे की राह आसान हो गई।

