बलरामपुर l अवैध धर्मांतरण और हवाला नेटवर्क के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। इस ताजा छापेमारी से एक बार फिर इस पूरे रैकेट का बड़ा जाल सामने आया है, जिससे जुड़े कई अहम दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
सुबह 5 बजे से चली ED की कार्रवाई
ED की यह कार्रवाई आज सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र में 12 और मुंबई में 2 ठिकानों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन डेटा और डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया है।
मुंबई में बाबा के सहयोगी से पूछताछ, 2 करोड़ का लेन-देन संदेह के घेरे में
मुंबई के बांद्रा इलाके में बाबा के करीबी सहयोगी शहजाद शेख के घर पर भी छापा मारा गया। उसके बैंक खातों में करीब 2 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं, जिसके चलते उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। ED को शक है कि यह फंड हवाला चैनलों के जरिए भारत में धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया गया।
106 करोड़ रुपये की अवैध फंडिंग, 40 बैंक अकाउंट्स की जांच
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अब तक यह बात सामने आई है कि जलालुद्दीन ने अपने नाम और अपने साथियों के नाम पर 40 से अधिक बैंक खातों का उपयोग करते हुए करीब 106 करोड़ रुपये की अवैध फंडिंग प्राप्त की। इनमें अधिकांश फंडिंग पश्चिम एशियाई देशों से हुई बताई जा रही है।
चांद औलिया दरगाह बना था धर्मांतरण का अड्डा
ED के अनुसार, बलरामपुर की प्रसिद्ध चांद औलिया दरगाह के परिसर को जलालुद्दीन ने धर्मांतरण नेटवर्क का मुख्य केंद्र बना रखा था। यहीं पर वह नियमित रूप से विदेशी फंडिंग से संचालित सभाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता था। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल होते थे।
ATS पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारियां
इस मामले में उत्तर प्रदेश ATS पहले ही जलालुद्दीन के बेटे महबूब, उसके साथी नवीन उर्फ जमालुद्दीन, और नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार कर चुकी है। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और इनसे भी विदेशी फंडिंग व धर्मांतरण रैकेट को लेकर पूछताछ की जा रही है।
ED को जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद
ईडी सूत्रों के मुताबिक, हालिया छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस धर्मांतरण नेटवर्क के और चेहरों का खुलासा हो सकता है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल, विदेशी स्रोतों और हवाला चैनलों की गहराई से जांच कर रही है।

