देहरादून। चारधाम यात्रा को अभी आठ दिन का ही समय हुआ है और व्यवस्था बनाने में उत्तरकाशी पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। आलम ये है कि यहां बाजार पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ईंधन भरवाने के लिए वह आपस में ही झगड़ रहे हैं। ट्रैफिक जाम के चलते तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तरकाशी चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है। यहां चारधामों में से दो प्रमुख धाम गंगोत्री व यमुनोत्री होने के चलते बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं। पिछले दो साल कोरोना महामारी के चलते यात्रा प्रभावित हुई थी। जिसके बाद इस साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। इससे पुलिस और प्रशासन की तैयारियों की भी पोल खुलने लगी है। यहां बाजार पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए लंबी लाइन लग रही है। नियमित आपूर्ति के बावजूद अव्यवस्थाएं हावी होने से यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह पेट्रोल पंप पर ईंधन के लिए यात्रियों में तीखी नोकझोंक हो गई।
जिसे पंप पर तैनात होमगार्ड जवान भी नहीं संभाल सके। सूचना पर पहुंचे पुलिस के एक एसआई ने किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत किया। यात्री का कहना था कि वह तीन बजे से पंप पर लाइन में लगा था। तेल का टैंकर आने पर उसने गाड़ी पीछे ली। अब उसे ईंधन नहीं भरने दिया जा रहा है। इस दौरान लाइन तोड़कर ईंधन भरवाने की जल्दी में कई बार तीर्थयात्रियों बहसबाजी हुई।
दिल्ली से पहुंचे एक अन्य वाहन चालक बिट्टू ने बताया कि वह सोमवार दोपहर दो बजे से ईंधन के लिए लाइन में लगा है लेकिन ईंधन नहीं मिल पाया है। लखनऊ से पहुंचे तीर्थयात्री विजय सिंह कन्नौजिया ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था तीर्थयात्रा और पर्यटन पर निर्भर है तो इसके लिए पहले से व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। उन्होंने पेट्रोल पंप पर पुलिस कर्मियों की कमी को भी अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया।
कहीं नजर नहीं आ रही जंबो टीम
जिला प्रशासन ने यात्रा के सफल संचालन के लिए 40 अधिकारियों की जंबो टीम तैयार की है लेकिन शहर में अव्यवस्थाओं के बीच यह टीम कहीं नजर नहीं आ रही है। ऐसे में स्थानीय लोग भी पुलिस और प्रशासन की यात्रा तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं।

