पिथौरागढ़ में चार साल की सौतेली बहन से दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सजा

high court

नैनीताल। पिथौरागढ़ जिले में मासूम सौतेली बहन से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। नेपाल के जिला बजांग निवासी एक व्यक्ति माता-पिता और पत्नी के निधन के बाद साढ़े चार साल की सौतेली बहन और दो बच्चों को लेकर भारत आया था।

पिथौरागढ़ के पंडा जाजरदेवल थाना क्षेत्र में आरोपी किराए पर रहता था। आरोपी साढ़े चार साल की मासूम सौतेली बहन से छह माह से दुष्कर्म कर रहा था। इससे सहमी पीड़िता अपने परिचित के घर में छिपने चली गई थी। तब मामले का खुलासा हुआ और सूचना पुलिस तक पहुंची। इसी आधार पर तीन अप्रैल 2021 को आरोपी नेपाली नागरिक के खिलाफ जाजरदेवल थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भी भेज दिया।

एसआई मेघा शर्मा ने मामले की जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी नेपाली नागरिक को अपनी सौतेली बहन से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए उसे दो आरोपों में सजा सुनाई। धारा 376ए और बी के मामले में फांसी और पांच हजार रुपये का जुर्माना जबकि धारा 323 के दोष में एक साल की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले की पैरवी डीजीसीए प्रमोद पंत और प्रेम सिंह भंडारी ने की। अदालत ने पीड़िता समेत दोषी के दोनों बच्चों को न्यायालय के संरक्षण में एक संस्था में भेज दिया है।

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