शामली जिले में तैनात जिला औषधि निरीक्षक निधि पांडे को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। उन पर दवा व्यापारियों से निरीक्षण के दौरान धमकाने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं।
रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल
तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर निधि पांडे का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्हें एक मेडिकल स्टोर संचालक से रिश्वत मांगते हुए देखा गया। इस वीडियो ने स्थानीय और प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मचा दिया। हालांकि, निधि पांडे ने वीडियो को फर्जी और एडिटेड बताते हुए आरोपों को खारिज किया था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख सचिव ने वीडियो के आधार पर निधि पांडे को निलंबित कर दिया। डीएम अरविंद कुमार चौहान की ओर से मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जांच के लिए सहायक आयुक्त औषधि मुरादाबाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहली नियुक्ति में ही विवाद
शामली में जिला औषधि निरीक्षक के पद पर यह उनकी पहली नियुक्ति थी। लेकिन कार्यकाल के दौरान उन पर दवा व्यापारियों को धमकाने, रिश्वत मांगने और पैसा न देने पर व्यापार बंद करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे। एडीएम संतोष कुमार सिंह ने निधि पांडे के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके स्थान पर किसी नए अधिकारी की नियुक्ति का आदेश जारी नहीं हुआ है।
शासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है, और दोष सिद्ध होने पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

