मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में योगगुरु स्वामी रामदेव ने बहराइच की उच्च गुणवत्ता वाली हल्दी खरीदने का निर्णय लिया है। इसका उपयोग उनकी कंपनी आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में करेगी।
बहराइच के तीन कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और योगगुरु स्वामी रामदेव की कंपनी के बीच हरिद्वार में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। जिलाधिकारी मोनिका रानी, उप कृषि निदेशक टीपी शाही, और एफपीओ के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। एमओयू के अंतर्गत बहराइच की 3 एफपीओ, प्रत्युष बायोएनर्जी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, वीरांगना लक्ष्मीबाई महिला किसान निर्माता कंपनी लिमिटेड, और सीएससी राज किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
हल्दी की गुणवत्ता और उत्पादन
बहराइच के मिहिंपुरवा क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधन, उपजाऊ भूमि, और अनुकूल जलवायु के चलते हल्दी की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। लगभग 2,000 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रति वर्ष 20-25 टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 45,000-50,000 टन हल्दी का उत्पादन होता है।
किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। अब तक स्थानीय किसानों को उनकी फसल के लिए अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता था। इस एमओयू के तहत स्वामी रामदेव की कंपनी द्वारा हल्दी का बड़े पैमाने पर विपणन और विक्रय सुनिश्चित किया गया है।
अन्य उत्पादों की खेती
मिहिंपुरवा क्षेत्र में हल्दी के अलावा 150 हेक्टेयर में जिमीकन्द और 600 हेक्टेयर में हरी सब्जियों की खेती हो रही है। जिमीकन्द का उत्पादन 5,250 टन तक पहुंच रहा है, जबकि हरी सब्जियों की मांग राष्ट्रीय और स्थानीय बाजारों में अधिक है।उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने बताया कि इस पहल से लगभग 1,880 पुरुष किसान और 975 महिला किसान लाभान्वित होंगे। किसानों को न केवल उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

