गोंडा। बेटी के प्रेम प्रसंग का पता चलते ही पिता ने बेटी को ऐसी सजा दी कि सुनने वालों के भी होश उड़ गए। उसने पहले बेटी की उसी के दुपटृटे से गला दबाकर हत्या कर दी उसके बाद शव घर में लकड़ी की बल्ली से लटका दिया। इतना ही नहीं अपने ही भाई को फंसाने के लिए उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। शक के आधार पर पुलिस ने पिता को उठाकर कड़ाई से पूछताछ की तो मामला खुल गया।
मामला थाना परसपुर क्षेत्र के खरिकवा चरसड़ी गांव का है। गांव के निवासी उपेंद्र मिश्रा की बेटी सताक्षी 16 परसपुर क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी। उसका शव 18 नवंबर को उसके घर में लकड़ी की बल्ली से दुपट्टे के सहारे लटकता मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सताक्षी की मौत गला दबने से दम घुटने से आया। इसके बाद सताक्षी की मां रूमन मिश्रा पत्नी उपेंद्र मिश्रा ने थाना परसपुर में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि स्वाट सर्विलांस समेत थाना परसपुर की टीम को हत्या के खुलासे में लगाया गया था।
एएसपी ने बताया कि कुछ दिनों पहले उपेंद्र के पिता की तेरहवीं संस्कार था। जिसमें उपेंद्र के बड़े भाई अरविंद मिश्रा के साले का बेटा आदेश मिश्रा पुत्र हरिनाथ मिश्रा निवासी भेलसर थाना रूदौली जनपद अयोध्या भी आया था। घर में आदेश और उपेंद्र की बेटी सताक्षी से बातचीत होने लगी। इसका पता जब उपेंद्र को चला तो उन्होंने अपनी बेटी को आदेश से दूर रहने को कहा, लेकिन वह नहीं मानी और दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। एएसपी के मुताबिक बेटी के प्रेम प्रसंग से परेशान होकर उपेंद्र ने 18 नवंबर को सताक्षी की उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद शव को घर में लकड़ी की बल्ली के सहारे टांग दिया। मामले में उपेन्द्र ने अपने भाई अरविंद को फंसाने के इरादे से पत्नी रूमन मिश्रा की तहरीर पर अरविंद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दिया। एएसपी ने बताया कि संदेह के आधार पर पुलिस ने उपेंद्र को उठा लिया और कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और वारदात कुबूल कर ली। एएसपी ने बताया कि आरोपी पिता उपेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार का पुरस्कार दिया है।

