काफिले के साथ लखीमपुर जा रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को कैराना में बॉर्डर पर ही रोका

शामली। लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद से कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खास तौर से कांग्रेसी नेताओं में लखीमपुर जाने की होड़ लगी हुई है।बृहस्पतिवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस नेताओं के साथ लखीमपुर के लिए कूच किया तो कैराना में यूपी-हरियाणा बॉर्डर सील कर पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। जिस पर जमकर हंगामा हुआ। करीब दो घंटे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद लौट गए। इस दौरान लोगों को पैदल ही बॉर्डर पार करने दिया गया।

लखीमपुर हिंसा के बाद बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर उनका दर्द साझा किया था। बृहस्पतिवार को हरियाणा से कांग्रेस नेताओं के लखीमपुर जाने की सूचना मिली तो पुलिस ने सुबह सात बजे बैरिकेडिंग लगाकर बॉर्डर सील कर दिया। दोपहर करीब एक बजे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस की हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा व समालखा विधायक धर्म सिंह छोक्कर सहित हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता यूपी हरियाणा बॉर्डर पर पहुंच गए। दोनों राज्यों के पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। जिस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। हरियाणा की सनौली पुलिस चौकी पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर धरना दिया।

कुमारी शैलजा ने कहा कि वह लखीमपुर जाना चाहते हैं। वहां भाजपा के मंत्री के बेटे ने जो नरसंहार किया है, उससे पूरा देश दुखी है। उन्होंने कहा कि यूपी में जंगलराज कायम है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को बंदी बनाया गया। प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मामूली सा मुआवजा देकर सोच रहे हैं कि इससे इंसाफ हो जाएगा। आरोपियों को अभी तक भी गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ितों से मिलकर उनका दुख दर्द बांटना चाहती है।

किसी किसान-मजदूर के साथ कोई अन्याय होगा तो कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करेगा। इस दौरान पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर, पूर्व विधायक बलवान सिंह, किरण चौधरी, पूर्व स्पीकर रगबीर कादियान, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुधा, सेवादल की अध्यक्ष डॉक्टर पूनम चौहान, एनएसयूआई व यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सात घंटे सील रहा यूपी हरियाणा बॉर्डर
हरियाणा से कांग्रेस नेताओं के आने की सूचना के बाद बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे यूपी हरियाणा बॉर्डर को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया था। सुबह करीब 10 बजे डीएम एसपी ने कुछ देर के लिए बैरिकेडिंग हटवाकर जाम में फंसे वाहनों को निकलवाया। इसके बाद फिर से बॉर्डर सील कर दिया गया। दोपहर करीब ढाई बजे कांग्रेस नेताओं के वापस जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने यूपी हरियाणा बॉर्डर खोल दिया। इस दौरान हजारों यात्रियों ने पैदल सफर किया।

डीएम-एसपी ने साढे़ चार घंटे बॉर्डर पर डाला डेरा
डीएम जसजीत कौर, एसपी सुकीर्ति माधव सुबह करीब 10 बजे यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर पहुंच गए थे। दोनों अधिकारी यमुना ब्रिज पुलिस चौकी पर अपनी गाड़ियों को खड़ा कराकर पैदल हरियाणा की सनौली पुलिस चौकी पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हर गतिविधि पर नजर रखी। करीब ढाई बजे कांग्रेस नेताओं के वापस जाने के बाद दोनों अधिकारी पुलिस प्रशासनिक अमले के साथ वापस लौटे। मेरठ कमिश्नरी से भी कई उच्चाधिकारी यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचे।

मौके पर मौजूद रही दमकल की गाड़ी व एंबुलेंस
कांग्रेस नेताओं के आने से पहले यूपी हरियाणा बॉर्डर पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ ही दमकल विभाग की व एंबुलेंस की कई गाड़ियां मौके पर खड़ी करा दी गईं थीं, ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। यूपी-हरियाणा बॉर्डर से हरियाणा के कांग्रेस नेताओं के आने की सूचना के बाद पानीपत बाईपास पर भी कई दरोगाओं व पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। शामली व कांधला की ओर से आने वाले वाहनों को झिंझाना होते हुए करनाल की ओर भेजा गया।

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