लौकी, भिंडी और खीरे की खेती किसानों के लिए है वरदान, जानिए कैसे

Cucumber Farming
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किसानों को अपनी आय में बढ़ोतरी के लिए गेहूं, धान, मक्का आदि फसलों के साथ ही सब्जियों और फलों की खेती पर ध्यान दे सकते हैं| ऐसा करके वह पारंपरिक फसलों से मुनाफा तो पाएंगे ही साथ में वह सब्जियों और फलों की फसल से भी अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं|

इसके लिए किसान खाली पड़ी जमीन का भी उपयोग कर सकते हैं या फिर सहफसली तकनीक की भी सहायता ले सकते हैं| मार्च के मौसम में किसान खीरा, लौकी, तोरई, फूलगोभी, भिंडी जैसी सब्जियों की बुवाई कर लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं|

खीरे का सेवन हम हमेशा अपने शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए करते हैं| सलाद के तौर पर भी भारतीय इसे खाते हैं| इसकी भारतीय किस्मों में स्वर्ण अगेती, स्वर्ण पूर्णिमा, पूसा उदय, पूना खीरा, पंजाब सलेक्शन, पूसा संयोग, पूसा बरखा, खीरा 90, कल्यानपुर हरा खीरा, कल्यानपुर मध्यम और खीरा 75 आदि प्रमुख है| खीरे की हमेशा मांग बनी रहने के कारण इसकी खेती कर किसानों के पास बेहतर मुनाफा कमाने का मौका है|

लौकी की खेती भी इस मार्च माह में की जा सकती है| गर्मी के महीने में बाजार में लौकी की डिमांड अपने आप बढ़ जाती है| इसके अलावा इस पौधे की खेती करना भी बेहद आसान है| इस पौधे को विकास के लिए सहारे की जरूरत होती हैं| इसे आप अपने घर के छतों या पेड़ों के पास इस पौधे को लगा सकते हैं|

तोरई की बुवाई का तरीका भी एकदम लौकी की तरह होता है| इसे भी खेतों के साथ-साथ घर पर आसानी से लगाया जा सकता है| घर पर एक पौधे को लगाने के बाद आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं| किसानों को लौकी-तोरई जैसे पौधों की खेती में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है|

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