भगवान शंकर आश्रम मसूरी में भव्य सर्वसिद्धि आर्यम अनुष्ठान संपन्न, मंत्रोच्चार से गूंजी घाटी

1 0

मसूरी(देहरादून) ।आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन, भारत के तत्वावधान में देवभूमि उत्तराखंड के मसूरी संभाग में अवस्थित भगवान शंकर आश्रम में भव्य एवं दिव्य नववर्ष महोत्सव संपन्न हुआ। सर्वसिद्धि महानुष्ठान में देश विदेश से एक हज़ार भक्तगणों ने पूज्य गुरुदेव श्री आर्यम जी के आशीर्वाद से अपने नये वर्ष का शुभ आरम्भ किया। वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य अग्निहोत्र और पुष्प अर्चन किया गया। भक्तों के जयघोष से समूची घाटी गुंजायमान हो उठी। इस अवसर पर 100 महिला पुरुषों ने आर्यम नवदीक्षा और 125 ने मंत्र दीक्षा ग्रहण करके पूज्य गुरुवर का आशीर्वाद अर्जित किया।

ट्रस्ट की अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री ने बताया कि आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष और आर्यम प्रकल्प के कुलप्रमुख परमप्रज्ञ जगद्ग़ुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम जी महाराज के आशीष की छत्र छाया में हिन्दुत्व के मूल आधार पोषित और सिंचित हो रहे हैं।भारत के मसूरी में आश्रम की गतिविधियाँ लोगों का जीवन रूपांतरित कर रही हैं।दो आश्रम भारत के बाहर सक्रिय रूप से सनातन और वैदिक मूल्यों की प्रतिष्ठा में रत हैं ।मॉरीशस में 2012 से आश्रम काम कर रहा है जबकि स्विट्ज़रलैंड में इसी वर्ष नये आश्रम का श्री गणेश किया गया है।

पूज्य गुरुदेव देवी देवताओं के प्रभाव से जीवन में आने वाली बाधाओं को मिटाने वाले उपायों को देने वाले प्रत्यक्ष सदगुरु हैं।वे लोगों को पुरातन किंतु प्रामाणिक और वैज्ञानिक प्रभावों की ओर प्रेरित कर रहे हैं ।लोगों की आस्थाएँ पुनर्जागृत होकर अपने मूल की ओर लौट रही हैं।

वर्ष में विभिन्न अवसरों पर आश्रम की ओर से बड़े भव्य और दिव्य अनुष्ठान किए जाने का एक अभियान वर्षों पूर्व प्रारंभ किया गया था जो अब विस्तृत स्वरूप ग्रहण कर रहा है। वर्ष के प्रथम दिवस आज सर्व सिद्धि अनुष्ठान का आयोजन किया गया जिसमें देश विदेश के लगभग एक हज़ार भक्तों ने भाग लिया।

हिंदू धर्म के मूल तत्त्वों को प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से आर्यम गुरुदेव विधिवत दीक्षा भी देते हैं। आज 100 नये संयोगियों ने नवदीक्षा ग्रहण करके आर्यम मार्ग अपनाने की घोषणा की जबकि पूर्व दीक्षित 125 महिला पुरुषों ने मंत्र दीक्षा अर्जित की।
इस अवसर पर वैदिक और सनातन विधान से भगवान शिव ,भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का पुष्प अर्चन किया गया। जबकि स्वस्तिवाचन और शांति प्रक्रणम सहित अन्य दिव्य मंत्रों से अग्निहोत्र करके सभी के समग्र कल्याण की कामना की गई।
आर्यम जी महाराज ने इस अवसर पर उपस्थित भक्तों और शिष्यों को उपदेशित करते हुए कहा कि संस्कार मय हिन्दुत्व प्रेरित जीवन शैली विश्व की सर्वश्रेष्ठ पद्धति है सभी को उसको समर्पित भाव से अंगीकार करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सभी हेतु भंडारा भी किया गया ।

समारोह की व्यवस्था बनाने में प्रतिभा आर्य, उत्कर्ष सिंह,प्रीतेश आर्य, हर्षिता आर्यम, रवि शर्मा, रेणुबाला, वर्षिता, श्वेता जायसवाल, अविनाश जायसवाल, सुनील आर्य, रामकिशोर , शालिनी शर्मा , गौरव स्वामी, प्रविंद्र , देवेंद्र गोला, आरुषि , नंदिता, अलिंद्र वीर , ममता वीणा कोली आदि का सहयोग रहा।

advertisement at ghamasaana