सहारनपुर में भीषण हादसा, टैंकर से टकराई कार, तीन दोस्तों की मौत

Horrible accident in Saharanpur

सहारनपुरl दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर नानौता के पास एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए हैं – कार की तेज रफ्तार और अधर में लटका पुल, जिसकी वजह से अचानक सामने आई रुकावट ने तीनों की जिंदगियों को लील लिया।

हादसा जंधेड़ी गांव के पास गंगनहर के पुल के पास हुआ, जिसका निर्माण कार्य काफी समय से अधूरा है। सहारनपुर से शामली की दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए लेन चालू है, लेकिन शामली से सहारनपुर लौटते समय पुल के पास वाहन चालकों को दूसरी लेन में मोड़ना पड़ता है। इस पुल की ऊंचाई लगभग छह से सात फीट है, और हैरानी की बात है कि यहां कोई चेतावनी संकेतक भी नहीं लगाया गया है। यही लापरवाही इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण बनी।

हादसे के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मिथुन पंडित, जिनका चाय का स्टॉल हादसे के स्थल से कुछ कदम की दूरी पर है, ने बताया कि यह हादसा रात करीब एक बजे हुआ। कार तेज रफ्तार में थी और अचानक सामने पुल आ जाने के कारण चालक ने दूसरी लेन में गाड़ी मोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान सामने चल रहे कंटेनर ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे कार सीधे कंटेनर के नीचे जा घुसी। जोरदार टक्कर के साथ धमाका हुआ और कार के एयरबैग खुलने के बावजूद तीनों युवकों की जान नहीं बच सकी।

ग्रामीणों के अनुसार, इस अधूरे पुल के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा है। प्रोजेक्ट इंजीनियर गोरेलाल ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य किसानों के मुआवजे के विवाद के कारण रुका हुआ है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द ही मुआवजे की समस्या का समाधान कर निर्माण कार्य पूरा किया जाए।

शोक में डूबे परिजन

मृतकों के परिजन जब पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो उनका दर्द छलक उठा। परिजनों ने बताया कि तीनों दोस्त मां शाकुंभरी देवी के दर्शन के लिए घर से निकले थे और दर्शन के बाद रात तक घर लौटने वाले थे। लेकिन किसे पता था कि वे अब हमेशा के लिए सफर पर निकल चुके हैं। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

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