नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां हमेशा से रेल रोको आंदोलन करती आईं हैं। अगर मोदी सरकार ये लिखित में दे दे कि अब से कोई रेल रोको आंदोलन नहीं होगा तो वो ऐसा नहीं करेंगे।
राकेश टिकैत ने एक मीडिया मंच पर कहा, ‘ये तो पहले से ही चलते आए हैं… राजनीतिक पार्टियां रेल रोको आंदोलन करती आईं हैं। इनसे लिखवा दो कि जो पहला रेल रोको आंदोलन किया वो गलत था, हम भी नहीं करेंगे। इनसे आगे के लिए भी लिखवा दो कि हम जीवन में आगे भी नहीं करेंगे तो भी हम जवाब दे देंगे। इस आंदोलन से हम यही चाहते हैं कि अजय टेनी की गिरफ़्तारी हो, उसे जेल हो और उसका इस्तीफा हो मंत्री पद से।’ एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जब सरकार मोदी की है तो क्या आडवाणी को टारगेट करें।
दरअसल, लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग करते हुए किसानों ने 6 घंटे के रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था। इस आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला और कई ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। उत्तर रेलवे के मुताबिक, एक ट्रेन को आंदोलन के कारण रद्द करना पड़ा। रेल रोको आंदोलन पर बात करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता यह प्रतिक्रिया दी है।

