बिजनौर। शमीम सलमानी ने ही अपने बेटे जावेद तक कश्मीर में पिस्टल पहुंचाई थी। एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की पूछताछ के बाद कश्मीर के श्रीनगर तक बिजनौर से असलहा की तस्करी होने की तस्वीर साफ हो गई। अब एटीएस हथियारों की तस्करी की सभी कड़ियां जोड़ने में लगी है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार रात में एटीएस ने मुजफ्फरनगर में दबिश दी, लेकिन वहां कुछ हाथ नहीं लगा। बृहस्पतिवार को भी एटीएस ने शमीम को साथ ले जाकर आसपास के जिलों में दबिश दी।
बृहस्पतिवार सुबह एटीएस ने नूरअलीपुर भगवंत उर्फ डहरी के ग्राम प्रधान को फोन कर शमीम को फिर से बुला लिया। बता दें कि शमीम सलमानी की शारीरिक कमजोरी और नशे की लत को देखते हुए बुधवार रात उसे ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया था। शमीम सलमानी के कोतवाली देहात थाने पहुंचते ही टीम उसे लेकर कहीं के लिए रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक रात के वक्त एटीएस ने मुजफ्फरनगर में दबिश दी थी। जबकि बृहस्पतिवार की सुबह फिर से शमीम को लेकर निकल गई और जिले में दूसरी जगहों पर दबिश दी। एटीएस उस कड़ी तक जाने का प्रयास कर रही है जहां से शमीम को पिस्टल मिलते थे। असलहा लेकर शमीम कश्मीर तक पहुंचाने का काम करता था।
पिछले दस सालों से कश्मीर के श्रीनगर में रहकर सैलून चलाने वाले शमीम सलमानी के बेटे जावेद को आर्मी ने गिरफ्तार किया है। सेना के इनपुट पर ही यूपी एटीएस सक्रिय हुई थी। आर्मी इंटेलिजेंस के दो अधिकारी भी एटीएस के साथ कोतवाली देहात पहुंचे थे। जिन्होंने बुधवार की सुबह ही डहरी के रहने वाले शमीम सलमानी और उसके छोटे बेटे परवेज सलमानी को दबोच लिया था। बुधवार को दिनभर पिता-पुत्र से पूछताछ की गई। इस दौरान एक कार चालक का नाम भी सामने आया था, जिसे शमीम कश्मीर तक लेकर गया था। इस कार चालक को भी हिरासत में लिया गया, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था।
आतंकी कनेक्शन तलाश रही एटीएस
शमीम सलमानी के बेटे जावेद की गिरफ्तारी होते ही असलहा की तस्करी के बिजनौर से तार जुड़ गए। जावेद ने सेना को बता दिया था कि उस तक पिस्टल उसके पिता ने ही पहुंचाया है। जिस वजह से उसके पिता को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ के लिए एटीएस ने उसे नशे की दवाई तक खिलाई है। जिसके बाद उसने कुछ राज उगले। अब आतंकी कनेक्शन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक शमीम एटीएस को पूछताछ में सटीक जानकारी नहीं दे रहा है। वह पिस्टल कहां से और किससे लाया था, यह भी पुख्ता नहीं हो पा रहा। यही वजह है कि रात में शमीम की निशानदेही पर मुजफ्फरनगर में दबिश दी गई, लेकिन कुछ नहीं मिल पाया। बृहस्पतिवार को फिर सुबह जनपद में ही कई स्थानों पर दबिश दी गई, जिसमें भी सफलता नहीं मिली। दोपहर बाद एटीएस शमीम को लेकर कहीं दबिश देने गई थी।
जिले से अभी और भी हो सकती हैं गिरफ्तारी
जिस तरह से एटीएस शमीम सलमानी को लेकर जगह-जगह दबिश दे रही है। इससे जाहिर होता है कि जिले या जिले से बाहर कहीं से और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं। हालांकि अभी तक एटीएस शमीम सलमानी से आगे नहीं बढ़ पाई है। एटीएस शमीम को लेकर निकल गई थी। जिससे चर्चा उड़ी कि शमीम को लखनऊ ले जाया गया है। वहीं पर मामले का खुलासा होगा लेकिन, कोतवाली देहात पुलिस ने साफ किया कि अभी टीम का सामान यहीं रखा हुआ है। जहां भी टीम गई है, वहां से लौटकर जरूर आएगी। इस पूरे मामले में पुलिस को दूर रखा जा रहा है।
एटीएस ने कोतवाली देहात थाने के डहरी गांव से पिता-पुत्र को हिरासत में ले रखा है। जिनकी निशानदेही पर कहीं और भी दबिश देने की सूचनाएं हैं। हालांकि दोनों टीमों ने इस संबंध में जनपद पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है – डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी

