नहीं रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रणेता किरोड़ी बैंसला

kirodi bainsala

नई दिल्ली। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के नेता और गुर्जर आंदोलन की धुरी रहे किरोड़ी बैंसला लंबी बीमारी के बाद मणिपाल अस्पताल में निधन हो गया। उनके बेटै विजय बैंसला ने उनके निधन की पुष्टि की है। किरोड़ी बैंसला के निधन से न केवल गुर्जर समाज बल्कि पूरे भारत में शोक की लहर दौड़ गई है।

विजय बैंसला के मुताबिक पिछले साल नवंबर में भी बैंसला को फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत के चलते जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बैंसला दो बार कोरोना संक्रमित भी हो चुके थे। राजस्थान में जब भी गुर्जर आरक्षण आंदोलन का नाम लिया जाएगा तो किरोड़ी बैंसला का नाम सबसे ऊपर रहेगा। किरोड़ी बैंसला के एक इशारे पर राजस्थान के गुर्जर एकजुट हो उठते थे। पिछले दो दशकों में कई बार गुर्जर आरक्षण आंदोलन समय.समय पर सरकारों के गले की फांस बना है।

बता दें कि कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का जन्म राजस्थान के करौली जिले के मुंडिया गांव में हुआ। गुर्जर समुदाय से आने वाले किरोड़ी सिंह ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के तौर पर की थी लेकिन पिता के फौज में होने के कारण उनका रुझान फौज की तरफ हो गया। उन्होंने भी सेना में जाने का मन बना लिया। बैंसला शुरुआती दौर में सेना में सिपाही के तौर पर भर्ती हो गए। बैंसला सेना की राजपूताना राइफल्स में भर्ती हुए जहां उन्होंने सेना में रहते हुए 1962 के भारत.चीन और 1965 के भारत.पाकिस्तान युद्ध में बहादुरी का परिचय दिया।

किरोड़ी सिंह बैंसला पाकिस्तान में युद्धबंदी भी रहे हैं। कहा जाता है कि उन्हें दो उपनामों से भी जाना जाता है। सीनियर्स उन्हें जिब्राल्टर का चट्टान और साथी कमांडो इंडियन रेम्बो कहते थे। सेना में एक सिपाही के तौर पर शुरुआत करने वाले बैंसला कर्नल की रैंक तक पहुंचे। बैंसला के चार संतान हैं। उनकी एक बेटी रेवेन्यू सर्विस और दो बेटे सेना में हैं और एक बेटा निजी कंपनी में कार्यरत है। बैंसला की पत्नी का निधन पहले ही हो चुका है। वे अपने बेटे के साथ हिंडौन में रहते थे।

सेना से रिटायर होने के बाद किरोड़ी सिंह राजस्थान लौट आए और गुर्जर समुदाय को अधिकारों के लिए लामबंद करने लगे। आंदोलन के दौरान कई बार उन्होंने रेल रोकी। पटरियों पर धरना दिया। आंदोलन को लेकर बैंसला पर कई तरह के आरोप भी लगे। गुर्जर आरक्षण आंदोलन में 70 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। उनके नेतृत्व में 2007 में राजस्थान में गुर्जरों ने बड़ा आंदोलन किया था। यह आंदोलन गुर्जरों को राजस्थान में आरक्षण दिलाने के लिए किया गया था। वे गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रमुख थे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि बैंसला सामाजिक आंदोलन के प्रखर नेतृत्वकर्ता थे। उन्होंने सामाजिक अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। परिजनों व प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

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