लखीमपुर खीरी हिंसा: आज किसानों का DM दफ्तरों पर प्रदर्शन, अजय मिश्र को बर्खास्त करने की मांग

lakhimpur case

नई दिल्ली। लखीमपुर हिंसा के बाद से किसान और सरकार के बीच तकरार का दौर और ज्यादा बढ़ चुका है। इस हिंसा में अब तक कुल आठ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। चार किसान हैं तो वहीं चार बीजेपी कार्यकर्ताओं की भी मौत हो गई है। दोनों तरफ से आरोप लगाए जा रहे हैं और तनाव लगातार बना हुआ है।

आज किसान सरकार के खिलाफ मोर्खा खोलने की तैयारी में हैं। उनकी तरफ से देश के तमाम डीएम दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक ये प्रदर्शन जारी रहेगा और किसान अपनी एकजुटता दिखाने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा अब किसान मोर्चा द्वारा अपनी दो मांगे भी स्पष्ट तौर पर रख दी गई हैं।

किसानों ने मांग की है कि केंद्रीय राज्य गृह मंत्री अजय मिश्र टेनी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। इसके अलावा मंत्री के बेटे आशीष और उसके साथी गुंडों पर तुरंत 302 (हत्या) का मुकदमा दर्ज हो और इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उत्तर प्रदेश से बाहर करवाई जाए। किसानों ने जोर देकर कहा है कि वे अपने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण अंदाज में चलाएंगे और अपनी न्याय की लड़ाई को जारी रखेंगे.

वहीं लखीमपुर घटना के बाद किसान नेता राकेश टिकैत भी लगातार केंद्र को अपने निशाने पर ले रहे हैं। उनकी नजरों में सरकार फिर काफी ज्यादा गिर चुकी है। उन्होंने जारी बयान में कहा है कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना बहुत ही दुखद है। इस घटना ने सरकार के क्रूर और अलोकतांत्रिक चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन को दबाने के लिए सरकार किस हद तक गिर सकती है, सरकार और सरकार में बैठे लोगों ने आज फिर बता दिया, लेकिन सरकार भूल रही है कि अपने हक के लिए हम मुगलों और फिरंगियों के आगे भी नहीं झुके।

टिकैत ने आगे कहा कि सरकार किसान के र्धर्य की और परीक्षा न ले, किसान मर सकता है पर डरने वाला नहीं है। सरकार होश में आए और किसानों के हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। किसानों से अपील है कि शांति बनाएं रखें, जीत किसानों की ही होगी। सरकार होश में ना आई तो भाजपा के एक भी नेता को घर से नहीं निकलने दिया जाएगा।

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