सिक्किम | भारतीय सेना के युवा और जांबाज़ लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी (उम्र 23 वर्ष) ने सिक्किम में ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी। ऑपरेशनल गश्त (पेट्रोलिंग) के दौरान उनका एक साथी जवान अचानक नदी में गिर गया। बिना एक पल की देर किए, शशांक ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी और साथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लेकिन इस वीरता के दौरान, शशांक नदी की तेज़ धारा में बह गए और डूब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद किया गया। लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी उत्तर प्रदेश के अयोध्या ज़िले के निवासी थे। भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना उनका सपना था, जिसे उन्होंने बहुत कम उम्र में ही साकार किया। उनकी बहादुरी और बलिदान ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि शशांक का बलिदान अमूल्य है और उनकी वीरता हमेशा याद रखी जाएगी। सेना और स्थानीय प्रशासन ने उनके परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अयोध्या में शोक की लहर है। गाँव के लोग और रिश्तेदार शशांक के घर के बाहर जमा होकर अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। परिवार ने बताया कि शशांक हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहते थे, और उनकी यही भावना आखिरी समय तक बनी रही।

