ऋषिकेश। कोतवाली पुलिस की नाक के नीचे आवास विकास में नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में मसाज पार्लर चल रहा था। लेकिन पुलिस को तब पता चला जब युवती ने कोतवाली में तहरीर दी। मामले का खुलासा होते ही मकान मालिक ने आनन-फानन में नशा मुक्ति केंद्र की संचालिका से मकान खाली करा दिया।
आंकड़ों पर गौर करें तो कागजों में ऋषिकेश में एक भी नशा मुक्ति केंद्र का संचालन नहीं किया जा रहा है। पूर्व में श्यामपुर चौकी क्षेत्र के लक्कड़ घाट में एक नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था, जो बाद में बंद हो गया। लेकिन तीर्थनगरी में एक और नशा मुक्ति केंद्र के नाम पर मसाज पार्लर संचालित किया जा रहा था। पुलिस को दी तहरीर में हरिद्वार जिले के रुड़की निवासी शिकायतकर्ता युवती ने बताया कि हन्नी उसका परिचित है। वही उसकी शराब के नशे की लत को छुड़ाने के लिए उसको नशा मुक्ति केंद्र में लेकर आया था। यहां उसको पता चला कि केंद्र में नशा मुक्ति के साथ ब्यूटी और मसाज पार्लर का संचालन किया जा रहा है।
महिला ने आरोप लगाया कि इसी केंद्र में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। यही नहीं आरोपी युवक ने ब्लैकमेल कर उसको कई शहरों में भेजा, जहां उसके साथ कई लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पूरे मामले में एक बात साफ है कि नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा किया जा रहा था। लेकिन हैरानी की बात है कि एम्स चौकी से कुछ दूरी पर एक पॉश कॉलोनी में जिस्मफरोशी का कारोबार चल रहा था। लेकिन पुलिस को इसकी तनिक खबर तक नहीं लगी।
मामले में चौकी पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। मामले में रुड़की निवासी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही मकान मालिक ने नशा मुक्ति केंद्र की संचालिका से मकान खाली करा दिया। सूत्रों के मुताबिक संचालिका मकान खाली करने के साथ हरिद्वार चली गई। कोतवाली प्रभारी रवि सैनी ने बताया कि पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल मुख्य आरोपी के खिलाफ़ संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

