सहारनपुर। गंगोह के मोहल्ला गुलाम औलिया में एक गत्ते के गोदाम में बुधवार देर रात भीषण आग गई। आग की चपेट में आने से दो कटिया और एक बकरी की मौत हो गई, जबकि गोदाम स्वामी भी झुलस गया। दमकल की 17 गाडियों की मदद से करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
मोहल्ला गुलाम औलिया स्थित एमएस नमरा ट्रेडर्स के मालिक नवाब कुरैशी ने बताया कि रात करीब दो बजे गोदाम से धुआं और आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं। गोदाम के ऊपर ही परिवार का मकान बना हुआ था। आग लगते ही सबसे पहले परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के साथ-साथ पशुओं को बचाने का प्रयास शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम में भारी मात्रा में रखा गत्ता आग पकड़ने के बाद तेजी से धधक उठा, जिससे आग लगातार फैलती चली गई।
इसी दौरान गोदाम स्वामी नवाब कुरैशी आग की चपेट में आकर झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन पशुओं की मौत हो गई जबकि एक भैंस भी झुलस गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल विभाग की गाड़ियां मंगाई गईं। दमकल कर्मियों ने लगातार कई घंटों तक पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। नकुड़, सरसावा, रामपुर आदि स्थानों से आई दमकल की कई गाड़ियां सुबह तक आग बुझाने में जुटी रहीं।
गत्ते के बड़े ढेर और लगातार उठती लपटों के कारण राहत कार्य में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। गोदाम स्वामी के अनुसार गोदाम में करीब 10 गाड़ियों का गत्ता रखा हुआ था, जो पूरी तरह जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि वह अपने भाइयों फेजान, मोहसीन, मुन्ना, सनव्वर और दानिश के साथ पिछले 25 वर्षों से गत्ते और कबाड़ के कारोबार से जुड़े हैं। इस हादसे ने परिवार की वर्षों की मेहनत को पलभर में तबाह कर दिया।

