आगरा। प्रशासन ने लखनऊ में होटल मंे हुए अग्निकांड से सबक नहीं लिया, नहीं तो आगरा में एक और अग्निकांड नहीं होता और तीन लोगों की जान बच जाती। आगरा के एक घनी आबादी में स्थित एक अस्पताल में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते और फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर पहुंचकर आग बुझाते तब तक डॉक्टर, उनकी बेटी और 14 साल के बेटे की मौत हो चुकी थी, जबकि उनकी पत्नी और एक बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है।
शाहगंज क्षेत्र में जगनेर रोड स्थित आर मधुराज हास्पिटल है। जिसके संचालक डॉ. राजन है। अस्पताल दो मंजिला है। नीचे डॉक्टर ने क्लीनिक बना रखा है और उपर वह परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार सुबह वहां आग लग गई। अस्पताल में भर्ती तीन मरीज, उनके तीमारदार और अस्पताल स्टाफ वहीं फंस गया। आग लगते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लेागों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। तब तक धुंआ पूरे हास्पिटल में भर गया। करीब एक घंटे बाद दमकलकर्मियों ने तीन मरीजों समेत चार लोगों को गंभीर हालत में हास्पिटल से बाहर निकाला। इन्हें निकट के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया है। आग से डॉक्टर राजन उनकी बेटी और एक बेटे की मौत हो गई, जबकि पत्नी और एक बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

