नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 1400 करोड़ की कथित बेनामी संपत्तियां जब्त होंगी। पवार के रिश्तेदारों के यहां आयकर विभाग की तलाशी के बाद मंगलवार को इसका आदेश जारी किया गया है। ये संपत्तियां मुंबई, नई दिल्ली, पुणे व गोवा में हैं।
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि 1988 के बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम के तहत संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। इसमें उपमुख्यमंत्री के बेटे पार्थ पवार समेत पवार परिवार से जुड़ी विभिन्न संपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां वैध रूप से उनकी हैं, यह बताने के लिए 90 दिन का वक्त दिया गया है। जांच जारी रहने तक इन्हें बेचा नहीं जा सकेगा। अजित पवार एनसीपी सुप्रीमो व पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार के भतीजे हैं।
अजित पवार की ओर से इस मामले में सफाई पेश की गई है। उनके वकील प्रशांत पाटिल ने एक स्पष्टीकरण में कहा कि अजित पवार से संबंधित कोई भी संपत्ति आयकर विभाग द्वारा जब्त नहीं की गई है और उन्हें कोई नोटिस भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पवार परिवार से 250 करोड़ संबंधित संपत्तियों की जब्ती की मीडिया रिपोर्ट निराधार और भ्रामक है।
दरअसल, 750 करोड़ के ऋण घोटाले की ईडी जांच कर रहा है। अजित पवार के परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित जरंडेश्वर सहकारी चीनी कारखाने के संबंध में कथित तौर पर 750 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी अलग से जांच कर रहा है।

