गोंडा में बढ़ रहा है डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप, जिले में 1200 लोग बीमार

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गोंडा। पिछले दिनों जिले में बढ़ आने के कारण पानी इकट्ठा हो गया और तेज़ी से मौसम बदलने के कारण डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप जिले भर में तेज़ी से फैलता जा रहा है। अब तक जिले में कुल 42 लोग डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।

जब की कई अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। इसमे से तीन मरीज़ डेंगू वार्ड में भर्ती है। बाकी 39 मरीजों का इलाज उनके घर पर ही चल रहा है। वहीं तीन में मलेरिया की भी पुष्टि हुई है। इस से निपटने के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही बदलते मौसम के बीच वायरल बुखार भी जिले भर में तेज़ी से पांव पसार रहा है। यह एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है।

वायरल बुखार छह महीने में करीब 1200 लोग को अपना शिकार बना चुका है। तेज़ी फैलते वायरल बुखार और डेंगू बीमारी की सूचना से क्षेत्र में भी दहशत का माहौल है। जिला अस्पताल के डॉक्टर डेंगू और वायरल बुखार के मरीजो की भीड़ से निपटने लगे हुए हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सभी मरीजों को समुचित इलाज की व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है।

बदलते मौसम की वजह से मच्छरजनित रोग, सर्दी, खांसी, जुखाम व बुखार जोर पकड़ लिया है। महिला, पुरुष से लेकर बच्चे-बूढ़े भी इसकी जद में तेजी से आने लगे हैं। गोंडा में डेंगू व मलेरिया को लेकर ग्रामीणों को भय ज्यादा सताने लगा। डेंगू और वायरल बुखार लोगों पर कहर बरपा रहा है।

लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन शरीर दर्द लंबे समय रहने के बाद जब वह जांच करा रहे है, तो रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आ रहा है। इसकी संख्या में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। इसी तरह वायरल बुखार भी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। संचारी रोगों के रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमें की तरफ से चलाए जा रहे जागरुकता अभियान बेअसर साबित हो रहा है।

जांच के दौरान अब तक 1200 लोगों में वायरल बुखार की पुष्टि हो हुईं है। स्वास्थ विभाग के जिम्मेदार सभी को दवा वितरित किए जाने का दावा कर रहे हैं लेकीन हालत दिन ब दिन बदतर होते जा रहे है। जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राइवेट अस्पतालों में वायरल बुखार से ग्रसित मरीजों की भारी भीड़ पहुंच रहीं हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा का कहेना है कि सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी मरीजों की संख्या 200 से 250 आ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर फागिंग कराई जा रही है। मरीजों के घर के लोगों व पड़ोसियों की भी जांच कराई जा रही है। वहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों को समुचित इलाज की व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है।

डेंगू के बारे में कुछ जानकारी

डेंगू के लक्षण –
डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है जो एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, आखों के पीछे की मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में वा मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं।

डेंगू के प्रकार-
डेंगू चार प्रकार(टाइप) के होते है (टाइप 1,2,3 वा 4)। आम भाषा में इसे ‘हड्डी तोड़ बुखार’ कहा जाता है।

डेंगू फैलने का कारण-
डेंगू बुखार मच्छरों के काटने से फैलता है। भारत में यह रोग बरसात के होने तथा उसके तुरन्त बाद के महीनों मे सबसे अधिक फैलता है।

डेंगू के रोकथाम के उपाय –
डेंगू बुखार की रोकथाम सरल, सस्ती तथा बेहतर है। आवश्यकता है कुछ सामान्य उपाय बरतने की जरूरत है।
• एडीज मच्छरों का प्रजनन ( पनपना) रोकना ।
•एडीज मच्छरों के काटने से बचाव ।

एडीज मच्छर पानी के ठहराव से ज्यादा फैलते हैं। अपने आस पास की नालियों, गड्ढों, रूम कूलर्स, टूटी बोतलों, पुराने टायर्स व डिब्बों तथा ऐसी ही अन्य वस्तुओं में जहाँ पानी ठहरता हो वहा पानी एकत्रित न होने दें। रूकी हुई नालियों को साफ कर दें। रूम कूलरों तथा फूल दानों का सारा पानी सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली करे दें, उन्हें सुखाएँ तथा फिर से भरें। खाली व टूटे-फूटे टायरों, डिब्बों तथा बोतलों आदि का उचित विसर्जन करें। घर के आस-पास सफाई रखें।पानी की टंकियों तथा बर्तन को सही तरीके से ढक कर रखें ताकि मच्छर उसमें प्रवेश ना कर सके।

पानी के स्रोतों में आप कुछ छोटी किस्म की मछलियाँ जैसे कि गैम्बुसिया, लेबिस्टर भी डाल सकते हैं। ये मछलियाँ पानी में पनप रहे मच्छरों व उनके अण्डों को खा जाती हैं। यह भी याद रखने योग्य बात है कि एडीज मच्छर दिन में भी काट सकते हैं।

इसलिए इनके काटने से बचाव के लिए दिन में भी सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता है। सोते समय मच्छरदानी लगा कर सोए। थोड़ी सी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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