गोंडा। आयुष्मान भारत योजना के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। इन चार वर्षों में आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पताल की अपेक्षा मरीज निजी अस्पताल में जाना अधिक पसन्द कर रहें हैं। सरकारी आंकड़े इस बात को स्पष्ट दिखा रहे हैं। सरकारी अस्पताल और उसमें योग्य डॉक्टर होने के बावजूद मरीज़ सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट हॉस्पिटल में जाना अधिक पसन्द करना।
सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहें हैं। 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए शुरू की थी। इस योजना के चार साल पूरे हो चुके है। अन्तिम जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार आयुष्मान कार्ड की पात्रता रखने वाले जिले में कुल 1202154 लोग है, जिसमें 282857 परिवारों की संख्या है। लेकिन अभी तक जिले में कुल 348719 आयुष्मान कार्ड ही बनाए गए हैं। जिसमें कुल 29410 मरीजों को लाभ मिला हैं।
इसे स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता कहे या लोगों में जागरूकता का अभाव। योजना का लाभ पात्रों को तभी मिलेगा जब उनको पता हो कि वह भी आयुष्मान धारक की श्रेणी में आता है। इस बारे में जब एडिशनल सीएमओ डॉ.आदित्य वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गोंडा में ऐसे कोई गांव नहीं है, जहां एक भी आयुष्मान कार्ड धारक न हो। हमारी टीम लोगों को जागरूक करने के लिए गावों में जगह-जगह कैंप लगा कर आयुष्मान भारत योजना के बारे में लोगो को जागरूक कर रहीं हैं।
हमारा पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। जिससे गरीब परिवारों को इलाज कराने में मदद मिल सके और वे अपना इलाज सही से करा सकें। जिला सूचना प्रबंधक इंजीनियर अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में हमारी टीम पूरे मनोयोग से प्रयास कर रही है।
आयुष्मान कार्ड से इलाज करने में गोंडा पूरे प्रदेश में 22वें स्थान पर है। हमारी पूरी टीम गावों में जाकर लोगों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ रही हैं। उन्होंने कहा जिले आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए गोंडा में 18 अरोग्य मित्र सेंटर बनाए गए है लोग वहां जाकर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
जिले में 29410 मरीजों के इलाज में 15 करोड़ रुपए खर्च हुए
- जिले में 35 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से सूचीबद्ध है। इसमें 19 सरकारी व 16 निजी अस्पताल है।
सरकारी अस्पताल की संख्या अधिक होने के बाद भी मरीज सरकारी अस्पतालों की बजाए निजी अस्पतालों में ज्यादा जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड से जिले में कुल 29410 मरीजों का इलाज हुआ है। जिसमें सरकारी अस्पतालों में 5252 मरीजों ने इलाज कराया वहीं निजी अस्पतालों में 24158 मरीजों ने इलाज कराया है। 2018 से लेकर अबतक 29410 मरीजों के इलाज में लगभग 15 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
किस अस्पताल में कितने मरीजों ने इलाज कराया –
सतीश चंद्र पांडे मेमोरियल हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड – 22,677
कृष्णा हॉस्पिटल – 2,319
अवध हॉस्पिटल – 646
गायत्री हॉस्पिटल – 525
सीएचसी बभनजोत गोंडा – 381
आर एन पाण्डेय हॉस्पिटल – 367
कृष्ण गायत्री श्री राम चिकित्सालय – 359
सीएचसी नवाबगंज गोंडा – 309
सीएचसी हलधरमऊ – 307
बाबू ईश्वर शरण जिला हॉस्पिटल – 298
सीएचसी परसपुर – 292
सीएचसी कटरा बाजार गोंडा – 264
सीएचसी मनकापुर गोंडा – 257
सीएचसी तरबगंज गोंडा – 256
सीएचसी वजीरगंज गोंडा – 210
आशा देव मेमोरियल सर्जिकल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड गोंडा- 198
सीएचसी छपिया गोंडा – 171
सीएचसी रुपईडीह गोंडा – 168
जिला महिला हॉस्पिटल गोण्डा – 158
सीएचसी पंडरी कृपाल – 154
सीएचसी मुजेहना – 153
गोनार्द हॉस्पिटल एण्ड ट्रॉमा सेंटर – 153
सीएचसी बेलसर – 143
सीएचसी काजीदेवर गोंडा – 119
सीएचसी इटियाथोक – 117
महर्षि शांडिल्य चिकित्सालय – 104
सीएचसी कर्नलगंज – 95
सनराइज हॉस्पिटल ऑर्थो एंड मैटरनिटी सेंटर गोंडा – 66 अरुणिशा आई केयर एंड आयुर्वेद सेंटर – 50
लाइफ लाइन हॉस्पिटल – 46
सद्भावना मेडिकल सेंटर – 34
सिटी हॉस्पिटल मैटरनिटी एंड ट्रॉमा सेंटर – 9
कस्तूरी हॉस्पिटल गोंडा – 6
सुधा न्यूरो एण्ड ट्रामा सेंटर –
जिला रेलवे चिकित्सालय –

