नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, राज्य सरकार की प्रशंसा की और विपक्षी दलों पर हमले किए।
भाषण में मोदी ने पश्चिमी यूपी का जिक्र कई बार किया। एयरपोर्ट से कैसे इस इलाके को फायदा होगा वे यह गिनाना नहीं भूले। एयरपोर्ट केवल यात्रियों के लिए ही फायदेमंद नहीं होगा यह इस क्षेत्र में बड़ी आर्थिक क्रांति भी लेकर आएगा इसे उन्होंने स्पष्ट किया। भले ही अभी यह सब योजना के स्तर पर ही है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से छोटे किसानों को फायदा होगा अब वे अपनी उपज को आसानी से निर्यात कर पाएंगे। आसपास के शहरों में जो भी उत्पाद हैं, सहारनपुर का फर्नीचर, मुरादाबाद का ब्रासवेयर, मेरठ का स्पोर्ट्स का सामान, आगरा का पेठा, इस सबको बड़ा बाजार मिल पाएगा। प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे अहम भाग विकास पर रहा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कनेक्टिविटी पर ज्यादा काम किया है। मिसाल के तौर पर उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब किसी का भी जेवर से यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये आगरा, लखनऊ जाना तो आसान हुआ ही है।
ईस्टर्न पेरिफेरल वे लेकर लोग बड़ी आसानी से हरियाणा के शहरों में जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी तेजी से बन रहा है, इससे कुछ ही घंटों में मुंबई भी पहुंचा जा सकता है। रैपिड रेल से एनसीआर के लोगों को बड़ा फायदा होगा।
मोदी ने संबोधन को स्थानीय पुट भी बड़ी सहजता से दिया। उन्होंने जेवर को दाऊजी मंदिर से जोड़ा और हिंडन एयरपोर्ट का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) से माल ढुलाई तेजी से हो सकेगी।
डबल इंजन सरकार के फायदे गिनाए
प्रधानमंत्री के भाषण में कहीं यूपी के आसन्न चुनावों की आहट भी सुनाई दी। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट यूपी में योगी सरकार की वजह से ही अस्तित्व में आ सका है। नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि इससे पहले की सरकार ने तो केंद्र सरकार को लिख दिया था कि एयरपोर्ट की यहां जरूरत नहीं है। इससे पहले यूपी को गरीबी, जाति की राजनीति, घोटालों और खराब सड़कों के लिए ही जाना जाता था।
हमारी सरकार की योजना पुख्ता
पीएम ने साफ कर दिया कि यह सरकार तैयारी के साथ कोई भी काम करती है। उन्होंने कहा कि हम 2017 में यूपी में योगी सरकार बनते ही जेवर में एयरपोर्ट की घोषणा कर सकते थे, लेकिन हमने पहले तैयारी की। पहले की सरकारें बस रेवड़ी की तरह प्रोजेक्ट बांट देती थीं पर होता कुछ भी नहीं था। वे सिर्फ प्रचार के लिए होती थीं। लेटलतीफी से प्रोजेक्ट की कीमत इतनी बढ़ जाती थी कि काम संभव नहीं होता था।

