रुद्रप्रयाग। वर्षा जल संरक्षण में अहम भूमिका निभाने के लिए उत्तराखंड से प्रकाश सिंह डसीला और राजेंद्र सिंह बिष्ट सहित देश के 22 राज्यों के जल प्रहरियों को भारत सरकार ने जल प्रहरी सम्मान 2022 से नवाजा है। समारोह में जल संरक्षण पर जोर दिया गया।
नई दिल्ली में सरकारी टेल एवं जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जल पुरूष राजेंद्र सिंह और राज्य सभा सांसद व सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। संरक्षित जल का विवेकपूर्ण उपयोग कर जल संकट से निपटा जा सकता है। इस दिशा में जल प्रहरियों का प्रयास प्रेरणादायक है।
उन्होंने जल संरक्षण के प्रति समर्पण रखने वाले जल प्रहरियों के प्रयास को अनूठा बताते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए इससे बड़ा कोई साधन नहीं हो सकता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमेय साठे ने कहा कि जल प्रहरी के लिए पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नामांकन किया गया है, जिसमें नेपाल की कमला नदी को पुनर्जीवित करने वाले विक्रम यादव और माल्टा में भारत के उच्चायुक्त रोबिन गाउची को भी जल प्रहरी सम्मान से सम्मानित किया गया है।
समारोह में उत्तराखंड से प्रकाश सिंह डसीला और राजेदं्र सिंह बिष्ट के अलावा दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, शिरडी, मुंबई, मोहिारी, अरूणाचल प्रदेश, असम से पहुंचे जल प्रहरियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्य सभा सांसद विजयपाल तोमर, लोस सांसद गोपाल शेट्टी, उनमेंष पाटिल सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।

