नई दिल्ली। जम्मू आयकर विभाग ने सूखे मेवों के प्रसंस्करण और व्यापार के व्यवसाय में लगे दो कारोबारी समूहों के जम्मू-कश्मीर व पंजाब स्थित घरों व प्रतिष्ठानों की तलाशी में 200 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब आय का पता लगाया। इस दौरान डिजिटल साक्ष्य सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए है। यह दर्शाता है कि समूह वर्षों से सूखे मेवों की खरीद को अत्यधिक बढ़ाकर दिखा रहा है।
प्रवक्ता के अनुसार जब्त किए गए साक्ष्य के इस तथ्य की भी पुष्टि करते हैं कि समूह के निदेशकों द्वारा ऐसी खरीद के लिए किए गए भुगतान के बदले बेहिसाब नकद वापस प्राप्त किया गया है।
इस बात का भी प्रमाण मिला है कि बही-खाते के समानांतर सेट को तैयार किया जा रहा था और वही खातों के दोनों सेटों में दर्ज की गई बिक्री और खरीद के बीच बड़ा अंतर पाया गया है। इनमें से एक समूह सूखे मेवों की बेहिसाब खरीद और बिक्री में भी लिप्त है।
तलाशी कार्रवाई के दौरान 40 करोड़ के अतिरिक्त भंडार 63 लाख नकदी और दो करोड़ के आभूषण जब्त, 14 बैंक लॉकर सीज तलाशी कार्रवाई में 63 लाख की बेहिसाब नकदी और 2 करोड़ के आभूषण जब्त किए गए हैं। 14 बैंक लॉकरों पर रोक लगा दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई 28 अक्तूबर को की गई।
दोनों समूहों में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 आईबी के तहत कटौती के दावे को वास्तविक नहीं पाया गया है, जो लगभग 30 करोड़ रुपये अनुमानित है।

