ग्रेटर नोएडा। समाजवादी पार्टी के दो नेताओं के निष्कासन के बाद पार्टी के नेताओं के बीच की रार खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को 9 नेताओं ने अपने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। हालांकि ये सभी कार्यकर्ता के रूप मेें पार्टी में काम करते रहेंगे। इस्तीफे जिलाध्यक्ष इंदर प्रधान को सौंपे गए हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को डाक से भेजे गए हैं। अखिलेश यादव को भेजे गए पत्र में चुनाव के दौरान मोटा चंदा एकत्रित करने और खर्च न करने का एक बार फिर आरोप लगाकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
विधानसभा चुनाव में जिले में मिली हार के बाद समाजवादी पार्टी की समीक्षा बैठक में हंगामा हुआ था। पार्टी के कुछ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कुछ लोगों को तरजीह देने और जमीनी नेता व कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया था। जिलाध्यक्ष और अखिलेश यादव को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि चुनाव से पहले एक संगठन बनाया गया और चुनाव के दौरान पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं से सलाह मशवरा करने के बजाय उसी संगठन से जुड़े लोगों को तरजीह दी गई।
वहीं, कुछ बड़े नेताओं पर आरोप लगा था कि चुनाव के दौरान जिलेभर से मोटा चंदा एकत्रित किया गया, मगर चुनाव में इसे खर्च करने के बजाय बचा लिया गया। इस बात को अनुशासनहीनता बताते हुए सपा हाईकमान को रिपोर्ट भेजी गई। उसी आधार पर सोमवार को प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मिलक लच्छी गांव निवासी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष रहे संजीव नागर और विधानसभा प्रभारी रहे उपदेश नागर को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
इस निष्कासन से सपा के एक गुट में नाराजगी और इसे एक तरफा कार्रवाई बताया जा रहा है। कार्रवाई से खफा होकर 9 नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ अन्य नेता व कार्यकर्ता भी इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।
इन नेताओं ने अपने पद से दिया इस्तीफा
नीतिश भाटी (जिला उपाध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ)
मोहित नागर (प्रदेश सचिव, समाजवादी छात्र सभा)
सोनू चौधरी (जिला उपाध्यक्ष, मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड)
विजय गुर्जर (ब्लॉक अध्यक्ष, बिसरख समाजवादी पार्टी)
विक्रांत चौधरी (जिला कार्यकारिणी सदस्य)
अकबर खान (जिलाध्यक्ष अल्संख्यक सभा)
प्रशांत भाटी (जिला महासचिव, छात्र सभा)
वकील सिद्दकी (जिला सचिव)
अक्षय पंडित (महासचिव, प्रबुद्घ सभा)
सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। सभी की बात सुनी जाएगी और उन पर विचार किया जाएगा। कुछ का इस्तीफा वापस हुआ है और कुछ का नामंजूर किया जाएगा। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है – इंदर प्रधान, जिलाध्यक्ष, सपा

