नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक बार फिर अपनी क्लास और हिम्मत का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स के प्रतिष्ठित हेडिंग्ले मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में पंत ने दोनों पारियों में शतक जड़कर एक अनोखी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। यह कारनामा करने वाले वह भारत के गिने-चुने बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।
मैच की पहली पारी में जब भारतीय टीम शुरुआती झटकों से जूझ रही थी, तब पंत ने मोर्चा संभालते हुए केवल 178 गेंदों में 134 रनों की लाजवाब पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 3 छक्के लगाए। उनकी यह पारी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में निर्णायक साबित हुई।
दूसरी पारी में भी पंत ने अपना वही आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा अंदाज़ जारी रखा। उन्होंने दूसरी पारी में 118 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे। पंत की इस दोहरी उपलब्धि ने न केवल भारत को मैच में मज़बूत स्थिति में ला खड़ा किया, बल्कि उनकी गिनती टेस्ट क्रिकेट के सबसे विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में और भी ऊपर कर दी।
ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले भारत के सिर्फ चौथे बल्लेबाज़ बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली के नाम रही है। लेकिन विकेटकीपर के रूप में यह कारनामा पहली बार हुआ है, जिससे यह और भी खास बन जाता है।
पंत की यह उपलब्धि सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। चोट और ब्रेक के बाद टीम में वापसी करने के बाद उनका यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वे अपने करियर के सर्वोत्तम दौर में लौट चुके हैं।
ऋषभ पंत की दोहरी सेंचुरी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह आने वाले समय में भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ ने भी मैच के बाद पंत की तारीफ करते हुए कहा कि उनका यह प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।

