नई दिल्ली। सरकारी स्वर्ण बांड 2021-22 की अगली किस्त खुल रही है, जिसके तहत इस बॉन्ड में 25-29 अक्टूबर के बीच निवेश किया जा सकेगा।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकारी स्वर्ण बांड 2021-22 की अगली किस्त में 25 अक्टूबर से पांच दिनों के लिए निवेश किया जा सकता है यानी कि दीवाली से पहले निवेशकों के लिए पांच दिनों तक पेपर गोल्ड में निवेश करने का मौका रहेगा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को पेपर गोल्ड इसलिए कहते हैं क्योंकि यह एक तरह का दस्तावेज होता है, जिसमें आप निवेश करते हैं। इसकी कीमतें फिजिकल गोल्ड के बाजार के ही हिसाब से ही तय की जाती हैं। फिजिकल गोल्ड से ये अलग इसलिए होता है क्योंकि इसमें आपको स्टोरेज और सुरक्षा की चिंता नहीं करनी पड़ती है, वहीं आपको इस पर फिजिकल गोल्ड की कीमतों के हिसाब से ही रिटर्न मिलता है।
केंद्रीय रिजर्व बैंक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत ब्याज से लिंक्ड बॉन्ड जारी करता है, जिसकी कीमत बाजार में सोने के भाव से तय होती है। आरबीआई सरकार के बिना पर यह स्कीम चलाती है।
कहां से खरीद सकेंगे : ये बॉन्ड बैंकों (छोटे वित्त बैंकों और भुगतान बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIS), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया और और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) के माध्यम से बेचे जाएंगे।
क्या होगा इशू प्राइस : इस बॉन्ड के लिए सोने का भाव सदस्यता अवधि से पहले के सप्ताह के अंतिम तीन कार्य दिवसों के लिए भारतीय सर्राफा एवं आभूषण संघ लिमिटेड द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के औसत के बराबर होगा।
अब सीधे लहजे में समझिए, जिस दिन आप बॉन्ड खरीदेंगे, उसके पिछले हफ्ते के आखिरी तीन कारोबारी दिनों में गोल्ड की जो कीमत होगी यानी IBJA ने जो गोल्ड की कीमतें जारी की होंगी, उसमें 24 कैरेट गोल्ड का जो बंद भाव होगा, उसी भाव पर आप बॉन्ड में सोना खरीद पाएंगे।
कौन कर सकता है निवेश : इस स्कीम के तहत गोल्ड बॉन्ड कोई ट्रस्ट, हिंदू अविभाजित परिवार, चैरिटी संस्था, यूनिवर्सिटी और भारत में रह रहा कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर अपने नाम पर या किसी नाबालिग के नाम पर या फिर जॉइंट तरीके से ये बॉन्ड खरीद सकता है।
मिलेगा डिस्काउंट : इस बॉन्ड में निवेश कर रहे निवेशकों को ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल तरीके से भुगतान करने पर 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट दी जाएगी और इस योजना में निवेश करने पर ब्याज के रूप में अतिरिक्त प्रतिफल भी मिलेगा। योजना में न्यूनतम एक ग्राम सोने का निवेश किया जा सकता है।

