dehradun news पांच करोड़ से कम निवेश में भी मिलेगी सब्सिडी

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  • उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना 2024 को मंजूरी

देहरादून । धामी मंत्रिमंडल ने पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के मद्देनजर उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना 2024 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पूर्व में पांच करोड़ से अधिक के निवेश पर ही सब्सिडी मिलने की शर्त को खत्म कर दिया गया है। अब एक करोड़ के निवेश पर भी उद्यमी को उचित अनुदान दिया जाएगा। शर्त यह होगी कि कुल रोजगार का 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को मिले।

पर्यटन विभाग द्वारा पूर्व से ही स्थानीय बेरोजगारों के लिए वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना संचालित की जा रही है। इसमें अधिकतम 33.00 लाख तक के अनुदान का प्रावधान है। वहीं प्रदेश में पूंजी निवेश को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से पर्यटन नीति-2023 गत वर्ष प्रारम्भ की गयी थी। इसके तहत 5 करोड़ या उससे अधिक के पर्यटन परियोजनाओं को सृजित कर 100 प्रतिशत अनुदान प्राप्त किया जा सकता था। इस योजना के तहत राज्य के छोटे एवं मझोले निदेशकों जिनके पूंजी निवेश की सीमा 5 करोड़ या उससे कम है, को लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस कमी को दूर करने के लिए उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

इस योजना में निवेशकों को पूंजी निवेश पर सब्सिडी के साथ ही ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति तथा स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी। योजना का लाम उठाने के लिए प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। जिनमें अधिकतम पूजी अनुदान की राशि श्रेणी विशेष के अनुसार 80.00 लाख से 1.50 रुपये करोड़ तक प्रावधानित है। इसी तरह ब्याज अनुदान 3 प्रतिशत अधिकतम अथवा चार लाख से सात लाख रुपये प्रति वर्ष प्रति इकाई निर्धारित है।

पूंजी अनुदान और ब्याज अनुदान के अतिरिक्त इकाई स्थापित किये जाने के लिए स्टाम्प शुल्क की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान किया गया है। राज्य के स्थानीय उद्यमियों को ध्यान में रखकर शुरू की गयी इस योजना में आवेदन प्रक्रिया की सरल बनाने के लिए एकल खिड़की की व्यवस्था की गयी है। आवेदन स्वीकृति के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति का गठन किया जायेगा।

मार्च 2030 तक लागू रहेगी योजना
सचिन कुर्वे, सचिव पर्यटन/मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा बताया गया कि इस योजना के द्वारा राज्य में पर्यटन विकास के साथ-साथ प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए स्थायी रोजगार सृजित करने का भी उद्देश्य है। योजना का लाभ उठाने वाले उद्यमियों को प्रदेश के स्थाई निवासियों को न्यूनतम 70 प्रतिशत स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। यह योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।

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