नई दिल्ली। केंद्र सरकार वर्चुअल करेंसी को टैक्स के दायरे में लाने के लिए आयकर कानूनों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। ये बदलाव अगले वित्त वर्ष के लिए पेश होने वाले बजट का हिस्सा हो सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर टैक्स का भुगतान करना पड़ सकता है।
राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि आयकर कें संदर्भ में कुछ लोग पहले से ही क्रिप्टोकरेंसी होने वाली आय पर कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। जीएसटी के संदर्भ में भी कानून बहुत स्पष्ट है कि इस पर कर की वही दर प्रभावी होगी जो दूसरी सेवाओं पर लगती है।
क्रिप्टोकरेंसी के कारोबारियों को फैसिलिटेरर, ब्रोकरेज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के रूप में वगीकृत करने और उन्हें जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में राजस्व सचिव ने कहा अन्य सेवाओं में भी ऐसी चीजें पहले से उपलब्ध हैं। इसलिए जो भी जीएसटी दर उन पर लगती है वही दर इन पर भी लागू होगी।
मार्च, 2020 की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने वाले आरबीआइ के सर्कुलर को रद कर दिया था। इसके बाद पांच फरवरी, 2021 को केंद्रीय बैंक ने स्वयं की डिजिटल मुद्रा के माडल का सुझाव देने के लिए एक आंतरिक पैनल का गठन किया था।

