गाजियाबाद। किसानों ने आंदोलन स्थगित करने के एलान के बाद बॉर्डरों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। यूपी गेट से किसानों के तंबू उखड़ने लगे हैं। सामान वाहनों में लादा जा रहा है। 13 दिसंबर से यूपी गेट से किसानों की वापसी होगी। किसान नेताओं का कहना है कि शनिवार को आंदोलन स्थल पर विजय दिवस मनाया जाएगा। 12 दिसंबर को कैराना में महापंचायत होगी। पंचायत से लौटकर किसान तंबुओं को समेटकर गांव लौटना शुरू करेंगे।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि शनिवार को बॉर्डर पर विजय दिवस मनाया जाएगा। जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा सहयोगियों को सम्मानित किया जाएगा। दिनभर आंदोलन स्थल पर कीर्तन और पाठ समेत अन्य तरह के कार्यक्रम होंगे। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजबीर सिंह ने बताया कि 12 दिसंबर को कैराना में आयोजित पंचायत में यूपी गेट से भी किसान जाएंगे। 13 दिसंबर से किसान तंबुओं को उखाड़कर उसे ट्रैक्टर से गांव ले जाएंगे। इसके बाद किसानों के जाने का सिलसिला तीन चार दिनों में पूरा होगा।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह जादौन का कहना है कि आंदोलन से जाने पर किसान भावुक भी होंगे। जिस किसान आंदोलन को खड़ा करने में कई महीने लग गए, अब उसे समेटने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। जब किसान इस जगह को छोडे़ंगे तो पूरी साफ सफाई करके जाएंगे। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को कैराना में किसान महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत और भाकियू के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। पंचायत में किसानों को एकजुट रहने और अन्य मुद्दों पर आवाज को उठाने की भी अपील होगी। इसके अलावा किसान नेताओं की तरफ से सरकार की तरफ से वादाखिलाफी करने पर दोबारा आंदोलन करने की अपील भी की जाएगी।
उत्तर प्रदेश किसान सभा के तंबुओं में समेटा गया सामान शुक्रवार सुबह गाजीपुर सर्विस लेन की तरफ बने उत्तर प्रदेश किसान सभा लखनऊ कैंप कार्यालय में पदाधिकारी व किसान सामान समेटने में लगे हुए थे। यहां पदाधिकारी डीपी सिंह का कहना था कि अब सरकार ने मांगें मान ली हैं, संयुक्त किसान मोर्चा इन वायदों और आश्वासन की समीक्षा 15 जनवरी को करेगा। बैठक में पदाधिकारियों का जो भी निर्णय होगा, उसमें किसान सभा का भी समर्थन होगा। सामान समेटना शुरू कर दिया है। पहले दिन दो मेटाडोर गाड़ी की मदद से सामान को गांव भेजा गया।
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगी हैं बैरिकेडिंग
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी लेन पर अभी भी दिल्ली सीमा में लोहे की बैरिकेडिंग लगी है। जबकि एनएच-9 पर पुलिस ने एक लेन खोलकर वाहनों को दिल्ली आने-जाने की सहूलियत दी हुई है। बैरिकेडिंग के पास सुरक्षा बल की तैनाती है। साथ ही सीमेंटेड बैरियर पर धारा 144 का बैनर लगा हुआ है।

